फोन की घंटी बजी और लाइन पर थे CM साय, शिकायतकर्ता रह गया हैरान
त्वरित खबरे : सौरभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन को नई पहचान देने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का एक कदम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के निरीक्षण के दौरान ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। हेल्पलाइन सेंटर में बज रहे फोन को मुख्यमंत्री ने खुद उठाया और दूसरी तरफ मौजूद शिकायतकर्ता से सीधे बातचीत शुरू कर दी। मुख्यमंत्री की आवाज सुनकर शिकायतकर्ता कुछ पल के लिए हैरान रह गया, लेकिन बाद में उसने अपनी समस्या खुलकर बताई।

बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने आय प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्या को लेकर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। मुख्यमंत्री ने उसकी पूरी बात गंभीरता से सुनी और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री के अचानक फोन उठाने और सीधे शिकायतकर्ता से बात करने की घटना ने हेल्पलाइन सेंटर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को भी चौंका दिया। मुख्यमंत्री ने केवल शिकायतकर्ता से ही बात नहीं की, बल्कि हेल्पलाइन की पूरी कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने जाना कि शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके समाधान तक की प्रक्रिया कैसे काम करती है और किस स्तर पर निगरानी की जाती है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी शिकायत को केवल फाइल का हिस्सा समझकर निपटाने की बजाय उसे एक नागरिक की वास्तविक समस्या मानकर प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और जनता के बीच विश्वास तभी मजबूत होगा जब लोगों को यह महसूस होगा कि उनकी बात सुनी जा रही है और उस पर कार्रवाई भी हो रही है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल माना जा रहा है। इस व्यवस्था में हजारों अधिकारी और कर्मचारी जुड़े हुए हैं, जो विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के समाधान की निगरानी करते हैं। यदि किसी शिकायत का समय पर समाधान नहीं होता है तो मामला स्वतः उच्च स्तर तक पहुंच जाता है, जिससे जवाबदेही तय हो सके।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में लगे कर्मचारियों से भी बातचीत की और उनकी जिम्मेदारियों की जानकारी ली। उन्होंने तकनीक के बेहतर उपयोग और डेटा आधारित मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए कहा कि शिकायतों का विश्लेषण कर प्रशासनिक कमियों को दूर किया जाना चाहिए। इससे न केवल शिकायतों का समाधान होगा बल्कि भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति भी कम होगी।

राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस घटना की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि आमतौर पर मुख्यमंत्री स्तर के नेता सीधे हेल्पलाइन कॉल पर फरियादियों से बातचीत नहीं करते। ऐसे में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का यह कदम सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का संदेश देने वाला माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 इसी तरह सक्रिय और प्रभावी ढंग से काम करती रही, तो यह आम लोगों के लिए अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचाने का सबसे भरोसेमंद माध्यम बन सकती है। मुख्यमंत्री के इस अनोखे कदम ने यह संदेश भी दिया है कि सरकार जनता की आवाज सुनने के लिए हर स्तर पर तैयार है और शिकायतों के समाधान को लेकर गंभीर है।

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