महतारी वंदन की राशि लेने वाले 11 शासकीय कर्मचारियों के परिवारों पर कार्रवाई, नहीं जमा की रकम तो वेतन से कटेगी राशि...
त्वरित ख़बरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में नियमों को ताक पर रखकर लाभ लेने का मामला सामने आया है। बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक में 11 ऐसे अपात्र हितग्राहियों की पहचान की गई है, जो शासकीय सेवा से जुड़े परिवारों के सदस्य होने के बावजूद योजना का लाभ उठा रहे थे। जांच में खुलासा होने के बाद अब प्रशासन ने उनसे अब तक मिली 1 लाख 24 हजार रुपए की राशि की वसूली शुरू कर दी है।

मामले का खुलासा एकीकृत बाल विकास परियोजना, बिल्हा द्वारा की गई जांच के दौरान हुआ। जांच में सामने आया कि कुछ महिलाएं स्वयं शासकीय कर्मचारी हैं, जबकि कुछ के पति शिक्षक, सहायक शिक्षक और अलग-अलग श्रेणियों के शासकीय सेवक के पद पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद उनके खातों में हर महीने महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रुपए की राशि जमा हो रही थी।

महिला एवं बाल विकास विभाग की जांच में सामने आए नाम

जांच में रत्ना क्षत्री, गंगा बाई, रमा वर्मा, दिनेश्वरी कुर्रे, कुसुम यादव, गोदावरी कौशिक, रामेश्वरी साहू, कीर्ति पाटले, सविता कुर्रे, अमर ज्योति शांडिल्य और लक्ष्मी सहित कुल 11 अपात्र हितग्राहियों को चिन्हित किया गया है। इनमें कई हितग्राहियों के पति शिक्षक, सहायक शिक्षक और शासकीय सेवक के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।

विभाग ने इन हितग्राहियों की जानकारी बिल्हा बीईओ कार्यालय को भेजते हुए गलत तरीके से प्राप्त की गई राशि की वसूली करने के निर्देश दिए हैं।

पहले जमा करें राशि, नहीं तो वेतन से होगी कटौती

बिल्हा बीईओ भूपेंद्र कौशिक के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग ने जांच के बाद शासकीय सेवा से जुड़े परिवारों द्वारा योजना का अनुचित लाभ लेने की जानकारी दी है। इसके आधार पर संबंधित लोगों से राशि वसूलने का आदेश जारी किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित हितग्राही निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनके वेतन से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अन्य अपात्र हितग्राहियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

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