दुर्ग। नकली सोने के जेवरात को असली बताकर गिरवी रखने और 8.25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सिटी कोतवाली दुर्ग और एसीसीयू टीम ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 84.880 ग्राम नकली सोने के जेवरात और 4 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 28 सितंबर और 30 सितंबर 2026 को एक महिला और एक पुरुष ने नकली सोने के जेवरात को असली सोना बताकर सहेली आर्म्स, श्री शिवम मॉल, दुर्ग में गिरवी रखा था। इसके बदले आरोपियों ने कुल 8,25,000 रुपये नगद प्राप्त किए थे।
मामले में शिकायत मिलने के बाद थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में अपराध क्रमांक 555/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रमेश कुमार और मीनाक्षी बाघ को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों की घटना में संलिप्तता सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ और मेमोरेण्डम कथन के आधार पर पुलिस ने नकली सोने के जेवर उपलब्ध कराने वाले राजेश अग्रवाल की भी पहचान की। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और प्रकरण में संलिप्तता पाए जाने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नकली सोने के जेवरात को वास्तविक सोने के आभूषण के रूप में प्रस्तुत कर गिरवी रखा और उसके बदले बड़ी रकम हासिल की। मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में रमेश कुमार (35), निवासी रायपुर, मीनाक्षी बाघ (39), निवासी दुर्ग और राजेश अग्रवाल (45), निवासी रायपुर शामिल हैं।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोने या अन्य कीमती आभूषणों की खरीदी-बिक्री अथवा गिरवी रखने से पहले उनकी शुद्धता और वास्तविकता की विधिवत जांच जरूर कराएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस को सूचना दें।

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