मेडिकल कॉलेज के डा० चेतन साहू पर लगाया गया आरोप मनगढ़ंत  एवं निराधार...
त्वरित ख़बरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

राजनांदगांव : मेडिकल कालेज हास्पीटल में बीती दिनों डायरिया पीड़ित युवती हेमलता की हुई दुःखद मृत्यु के लिए मेडिकल कॉलेज के डाक्टर चेतन साहू पर दोष मढ़ना  हास्पीटल के एचओडी  डाक्टर नवीन तिर्की की व्यक्तिगत खुन्नस को दर्शाने वाला नजर आ रहा है। उक्त बातें विश्व हिंदू परिषद के भरत लाल द्वारा कही गई है। उन्होंने कहा कि डाक्टर चेतन साहू की बेगुनाही के संबंध में जबकि इंटर्न डाक्टर धनेश्वरी बरिहा और ईशा साहू ने एच ओ डी डाक्टर तिर्की को 29 जुलाई को ही लिखित में दे दिया था इसके बावजूद 30 जुलाई को एच ओ डी ने मेडिकल कॉलेज हास्पीटल में पीआरओ  डाक्टर पवन जेठानी के होते हुए डाक्टर चेतन को बदनाम करने तथा पदोन्नति एवं वार्षिक गोपनीय चरित्रावली को खराब करने  उन्होंने मीडिया में खबर लीक की। अब वही एच ओडी डाक्टर तिर्की इंटर्न डाक्टरों को उक्त सबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे जाहिर होता है कि उक्त मृत्यु वाले मामले में डाक्टर चेतन साहू का इसमें कोई रोल नहीं है।एच ओ डी स्वयं मेडिकल स्टोर्स में करते हैं निजी प्रैक्टिस बता दें कि उक्त संबंध में डाक्टर तिर्की ने प्रेस मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लोगों को डाक्टर चेतन के निजी प्रैक्टिस के बारे  में बताना चाहा लेकिन वह शायद‌ यह भूल गया कि वे स्वयं मेडिकल कॉलेज परिसर से लगे मेडिकल स्टोर्स में निजी प्रैक्टिस करते हैं। यही नहीं इस तरह बहुत से डाक्टर किसी न किसी निजी हास्पीटल में कम ज्यादा रुप में निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं जो अपने  मूल कर्तव्य का निर्वहन करने के बाद किया गया कार्य है जो किसी भी प्रकार से गलत नहीं है। वस्तुत मेडिकल कॉलेज के एचओडी का मेन प्राबलम हेमलता की दुःखद मृत्यु की  आड़ में डाक्टर चेतन साहू से अपनी खुन्नस निकालना है। यही वजह है कि इंटर्न डाक्टरों पर दबाव डाल कर अपनी मनमर्जी के कथन करवाया गया। डाक्टर तिर्की के इस तरह के मोनोपली का शिकार न केवल डाक्टर चेतन हुए हैं अन्य डाक्टर भी हो रहे हैं। जिसके चलते उनमे आक्रोश पनपते जा रहा है।विहिप के भरत लाल ने कहा है कि मरीज हेमलता की मृत्यु  किडनी की बीमारी व खून की कमी की वजह से हुई। उसका बीपी पल्स नहीं था यह जांच रिपोर्ट में सामने आ चुका है। मरीज हेमलता की भर्ती रात में 11बजे हुई है एवं लैब रिपोर्ट सुबह 6 बजे मिलता है। जांच रिपोर्ट स्वयं इंटर्न डाक्टर ईशा साहू द्वारा लाया गया।जान- बूझ कर डा० चेतन साहू को बताया जा रहा दोषी ऐसी स्थिति में इतने गंभीर मरीज को बचा पाने की संभावना बहुत कम थी। यह बात  एच ओ डी डाक्टर तिर्की को ज्ञात होने के बाद भी डाक्टर से बिना चर्चा किए प्रिंट मीडिया एवं इलैक्ट्रोनिक मीडिया को इसे डायरिया एवं डाक्टर की लापरवाही से हुई मृत्यु बताना न केवल साफ- सुथरे व्यक्तित्व के छत्तीसगढ़िया डाक्टर चेतन साहू की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है जो कि न केवल अनुशासन हीनता के दायरे में आता है अस्पताल प्रबंधन का नाम भी खराब करना प्रतीत होता है। जबकि डाक्टर चेतन साहू उक्त दुःखद घटना के संबंध में न्यायालयीन जांच की चुनौती दे रहे हैं। इसके बाद भी नवीन तिर्की अपनी मनमानी करने पर तुले हुए है। अब वह  इंटर्न डाक्टरों को तत्संबंधित नोटिस देकर अपनी खीझ निकाल रहे हैं जो उचित नहीं है।भारत साहू ने कहा कि अपने इस कृत्य के लिए एच ओ डी डाक्टर नवीन तिर्की को लिखित में स्पष्टीकरण देते हुए डाक्टर चेतन साहू से हाथ जोड़कर माफी मांगना चाहिए नहीं तो वे न्यायालय का सामना करने के लिए तैयार रहें।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations