रायपुर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में हुए भीषण प्लांट हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक कुल 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 घायल मजदूरों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। हादसे में मध्यप्रदेश के एक मजदूर ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा प्लांट में अचानक तकनीकी खराबी, गैस रिसाव या सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुआ, हालांकि प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया गया तथा घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस हादसे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और केवल औपचारिक एफआईआर दर्ज कर देने से न्याय नहीं मिलेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है तथा सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और घायलों के बेहतर इलाज का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। मजदूर संगठनों ने भी घटना पर गहरा दुख जताते हुए सभी प्लांटों में सुरक्षा मानकों की सख्ती से समीक्षा करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति
त्वरित ख़बरें : ज़ाफ़रान खान रिपोर्टिंग

Facebook Conversations