कोरोना भागा तो लौट आई मुस्कान, मार्निंग वाक फिर शुरू
त्वरित ख़बरें - निशा बिस्वास मार्केटिंग हेड - पटरी पर आने लगी लोगों की दिनचर्या, बाजार भी गुलजार

राजनांदगांव, 01 मार्च 2022. कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण की दिशा में असहज शून्यता आने के बाद जिले में अब फिर सकारात्मक सोच का वातावरण बनने लगा है। संक्रमितों की संख्या में लगातार गिरावट आने से शासन द्वारा लगाए गए कई प्रतिबंधों को समाप्त किया गया है।इसके फलस्वरूप जहां एक ओर लंबे अंतराल के बाद लोग अपनी दिनचर्या में कई बाहरी गतिविधियों को पुनः शामिल कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी का रास्ता भी खुल गया है।

कोरोना की तीसरी लहर जिले में अब पूरी तरह से थम गई, इस विश्वास के साथ जिला प्रशासन ने पूर्व में कोविड-19 के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों को अब समाप्त कर दिया है। कोरोना संक्रमण के दौरान जिले के अस्पतालों में बनाई गई अस्थाई व्यवस्था को भी सुधारने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। लोग भी अपनी दिनचर्या सुधारने लगे हैं। मार्निंग वाक फिर शुरू हो गई है। जिले के लिए काफी राहतभरी खबर रही कि रविवार को कोई भी नया मरीज नहीं मिला। करीब 20 दिनों में यह दूसरी बार हुआ, जब कोरोना संक्रमित नए मरीज की पहचान नहीं हुई जबकि दिनभर में कुल 1032 लोगों की सैंपल जांच की गई। एंटीजन टेस्ट की संख्या 979 रही। इनमें से सभी की रिपोर्ट नेगेटिव रही और इस तरह संक्रमण दर शून्य रही।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बतायाः “कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के नेतृत्व में जिले में लगातार टीकाकरण महाअभियान चलाया जा रहा है और कोरोना टीके की दोनों डोज के काफी प्रभावी परिणाम भी अब देखने को मिल रहे हैं। गुजरे लगभग 20 दिनों बाद एक भी कोरोना संक्रमित मरीज का नहीं मिलना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए काफी उत्साहजनक परिणाम है। वहीं कुल सात लोग संक्रमण को मात देकर स्वस्थ भी हुए हैं। यह लोगों की जागरुकता का ही परिणाम है। इस बीच राहत की खबर यह भी है कि सभी 49 सक्रिय मरीज होम आइसोलेशन पर हैं। पूर्व में कोविड-19 के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों को अब समाप्त कर दिया गया है। हालांकि कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर यानी मास्क तथा सेनिटाईजर का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्यतः पालन करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है”।

 टीकाकरण व जागरुकता अभियान पर जोर

 कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए जिले में अब तक 23.95 लाख से अधिक लोगों को कोविड टीका लगाया जा चुका है। इसमें से 12.99 लाख लोगों को कोरोना टीके की प्रथम डोज तथा लगभग 10.76 लाख लोगों को द्वितीय डोज और 18,692 लोगों को प्रीकॉशनरी डोज लगाई गई है। जिले के शत-प्रतिशत लोगों को जल्द से जल्द दूसरी डोज का भी टीका लगाकर सुरक्षित करने पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में मुनादी कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अपील भी की जा रही है कि आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर जाएं। घर से बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग जरूर करें। सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण आने पर कोविड टेस्ट जरूर कराएं।

अब डर नहीं लगताः प्रवीण

 मार्निंग वाक पर निकले व्यवसायी प्रवीण भंसाली कहते हैं, कोरोना संक्रमण के दौर में दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई थी। संक्रमण के खतरे और उदासपूर्ण वातावरण में अच्छे ख्याल नहीं आते थे, बस मन में भय रहता था कि कहीं हम संक्रमित न हो जाएं लेकिन अब डर नहीं लगता। कोरोना का आंकड़ा घटने तथा फिर से व्यवसाय की अनुमति मिलने के बाद अब लगने लगा है कि सब ठीक हो रहा है। अब हम मार्निंग वाक पर भी निकलने लगे हैं।

 लेकिन सतर्कता अभी भी जरूरीः सुमन

 जयस्तंभ चौक निवासी गृहणी सुमन वाधवानी का कहना है, स्वास्थ्य कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा अब सबके सामने है। उन्हें धन्यवाद। कोरोना संक्रमण थम गई है। बाजार में भी चहल-पहल दिखने लगी है। लगता है, कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए टीकाकरण काफी कारगर साबित हुआ है क्योंकि संक्रमण की तीसरी लहर में लोग जितनी तेजी से संक्रमित हुए उतनी ही जल्दी ठीक भी हुए। लेकिन गुजरे दौर से हम सभी को सतर्क रहने की सबक लेनी चाहिए। मास्क, सेनिटाईजर का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सभी को करना चाहिए ताकि हम सब स्वस्थ रहें।

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