बेमेतरा 17जून 2025/- जल-वन-जन “एक प्राकृतिक बंधन” अभियान के अंतर्गत आज बेमेतरा शहर में जन-जागरूकता हेतु भव्य पदयात्रा रैली का आयोजन किया गया। यह रैली स्थानीय जय स्तंभ चौक से प्रारंभ होकर पुनः वहीं समाप्त हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक दीपेश साहू रहे। उन्होंने रैली समापन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया एवं जिले में जल संकट के कारणों को रेखांकित करते हुए आगामी जुलाई माह में वृक्षारोपण अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह रैली जिले की सभी ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में एक साथ आयोजित की गई, जिससे अधिक से अधिक नागरिकों को जल एवं वन संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।
विधायक दीपेश साहू ने अपने संबोधन में कहा कि आज भाषणों की नहीं, समझदारी की आवश्यकता है। बेमेतरा जिले में जल संकट गहराता जा रहा है, और इससे निपटने के लिए जन-जागरूकता ही सबसे सशक्त उपाय है। हमें अधिकाधिक वृक्षारोपण करना होगा, जल का संचय और संरक्षण सुनिश्चित करना होगा। जिले को हरा भरा बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक घर और कार्यालय में वर्षा जल संचयन प्रणाली (वाटर हार्वेस्टिंग) अपनाई जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने भी जल संकट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “आधुनिकीकरण के दौर में जल संचयन की उपेक्षा और अत्यधिक जल दोहन ने संकट को और बढ़ा दिया है। अब समय आ गया है कि हम प्रकृति की ओर लौटें और पेड़ लगाकर, जल बचाकर भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित करें।
नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा-जल है, तो कल है। जल संकट से निपटना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण तथा वृक्षारोपण के लिए आगे आना होगा।
’छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जनप्रतिनिधि अजय साहू एवं अन्य अतिथियों ने भी पानी एवं पेड़ के महत्व को रेखांकित करते हुए जनसहभागिता का आह्वान किया।
रैली में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व जिला अध्यक्ष, राजेन्द्र शर्मा, नगरपालिका पार्षद गण सर्वश्री पंचु साहू, रोशन दत्ता, विकास तमोली, नीतू ठाकुर-गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।’
’जल-वन-जन अभियान के माध्यम से बेमेतरा जिला प्रशासन ने जल एवं वन संरक्षण हेतु सामूहिक चेतना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता सुनील झा और आभार व्यक्त एसडीएम प्रकाश भारद्वाज ने किया।
समा.क्र.316/फोटो संलग्न
तीव्र गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में परिवर्तन, अब 17 से 21 जून तक कक्षाएं प्रातः 7 से 11 बजे तक
बेमेतरा 17जून 2025/- सत्र 2025-26 के लिए प्रदेश की समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाएं आज 16 जून से प्रारंभ हो गई हैं।
वर्तमान में प्रदेश में पड़ रही तीव्र गर्मी को देखते हुए छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभाव की आशंका के मद्देनजर राज्य शासन द्वारा स्कूलों के संचालन समय में अस्थायी परिवर्तन किया गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार अब दिनांक 17 जून 2025 से 21 जून 2025 तक सभी प्रकार की शालाओं में कक्षाएं प्रातः 7ः00 बजे से 11ः00 बजे तक संचालित की जाएंगी।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 23 जून 2025 से कक्षाएं पुनः सामान्य समयानुसार संचालित होंगी। यह निर्णय विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संरक्षण के दृष्टिगत एहतियातन लिया गया है।
समा.क्र.317
स्टॉप डायरिया अभियान 2025 का जिला स्तरीय शुभारंभ बेमेतरा में संपन्न
शुद्ध पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और जागरूकता से डायरिया पर नियंत्रण की दिशा में महत्त्वपूर्ण पहल
बेमेतरा 17 जून 2025/- कलेक्टर रणबीर शर्मा के मार्गदर्शन मे जिला चिकित्सालय परिसर स्थित 100 बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल बेमेतरा में स्टॉप डायरिया अभियान 2025 का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक बसोड़ के निर्देशानुसार एवं सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. लोकेश साहू की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इस अवसर पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक निराला, जिला कार्यक्रम प्रबंधक लता बंजारे, अस्पताल सलाहकार डॉ. स्वाति यदु, जिला मीडिया प्रभारी संजय तिवारी, टीकाकरण कार्यालय सहायक देवेंद्र नामदेव, अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बच्चों को 2 ओ.आर.एस. के पैकेट एवं 14 जिंक की गोली का वितरण किया गया। साथ ही अभिभावकों को इनका सही तरीके से सेवन कराने की विधि बताई गई। ओ.आर.एस. घोल बनाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। डॉ. कोहाड़े द्वारा व्यक्तिगत स्वच्छता की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि हाथ धोने की आदतों से डायरिया की रोकथाम की जा सकती है। शौच के बाद, भोजन पकाने या खाने से पहले, बच्चों को खाना खिलाने से पहले, मल साफ करने के बाद, कूड़ा या जानवरों को छूने के पश्चात् हाथ धोना आवश्यक है। हाथ धोने की 6 चरणीय विधि का प्रदर्शन मितानिनों द्वारा किया गया।
इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जनजागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि स्टॉप डायरिया अभियान 17 जून से 31 जुलाई 2025 तक चलेगा। इस दौरान जिले में 0 से 5 वर्ष के कुल 1,07,074 बच्चों को 2 ओ.आर.एस. पैकेट एवं आवश्यकता अनुसार जिंक टेबलेट का वितरण किया जाएगा। एएनएम, मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर बच्चों की निगरानी, डायरिया प्रभावित बच्चों की पहचान एवं प्राथमिक उपचार हेतु ओ.आर.एस. व जिंक का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही घर में ओ.आर.एस. घोल तैयार करने एवं सुरक्षित पेयजल के उपयोग हेतु जन जागरूकता की जाएगी।
बच्चों को आंगनबाड़ी एवं स्कूलों में व्यक्तिगत स्वच्छता एवं हाथ धोने की विधि का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान की सफलता के लिए अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं स्वच्छ भारत मिशन जैसे विभाग इसमें सहभागिता करेंगे। जिले के समस्त शासकीय एवं पंजीकृत निजी अस्पतालों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में निःशुल्क ओ.आर.एस. कॉर्नर स्थापित किए जाने हेतु पत्र जारी किया गया है ताकि डायरिया से ग्रसित मरीजों को शीघ्र उपचार मिल सके।
कलेक्टर रणबीर शर्मा ने जिले वासियों से अपील की कि स्टॉप डायरिया अभियान के दौरान स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल एवं दी जा रही सेवाओं का भरपूर लाभ लें एवं डायरिया की रोकथाम में प्रशासन का सहयोग करें। यह अभियान बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जो जनसहभागिता एवं सामूहिक प्रयासों से सफल होगा।
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नालसा द्वारा संचालित जागृति, संवाद और डान योजना 2025 के संबंध में कार्यशाला का किया गया आयोजन
बेमेतरा 17 जून 2025/- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा संचालित योजना 2025 के तहत जमीनी स्तर पर सूचना और पारदर्शिता पहल के लिए न्याय जागरूकता हेतु विशेष यूनिट जागृति, हासिए पर पड़े, कमजोर आदिवासियों और विमुक्त/घुमंतू जनजातियों के लिए न्याय तक पहुंच को मजबूत करना हेतु संवाद एवं जागरूक्ता और कल्याण नेविगेशन नशा मुक्त भारत के लिए विशेष डान योजना के संबंध में कार्यशाला का आयोजन अध्यक्ष/प्रधान जिला न्यायाधीश बृजेन्द्र कुमार शास्त्री के मार्गदर्शन व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव निधि शर्मा के निर्देशन में विश्राम गृह बेमेतरा में आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला में विशेष यूनिट के समस्त सदस्य देवेन्द्र कुमार प्रथम अति. एवं सत्र न्यायाधीश बेमेतरा, रणबीर शर्मा, कलेक्टर बेमेतरा, रामकृष्ण साहू, पुलिस अधीक्षक बेमेतरा, अनिल बाजपेयी अपर कलेक्टर, टेकचंद अग्रवाल जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला बाल संरक्षण विभाग, जिला चिकित्सा विभाग, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, जिला कृषि विभाग, पैनल अधिवक्ता एवं अधिकार मित्रों की उपस्थिति रही। कार्यशाला में प्रधान जिला न्यायाधीश ने व्यक्त किया कि नालसा द्वारा संचालित योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार व जागरूक्ता बढ़ाये जाने हेतु समस्त आवश्यक विभागों एक प्लेटफार्म पर एकत्रित किया गया है। समस्त विभागों से समन्वय स्थापित कर अधिकतम शिविर का आयोजन कर लोगों तक कानूनी सहायता पहुंचाने एवं जानकारी का सही लाभ प्रदान प्राप्त किया जाना है।
कलेक्टर रणबीर शर्मा द्वारा प्रशासनिक सहयोग एवं समन्वय हेतु आश्वस्त किया। बेमेतरा पुलिस अधीक्षक द्वारा भी पुलिस प्रशासन द्वारा योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु भरपूर सहयोग किये जाने का आश्वासन दिया।
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जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम सम्पन्न-खाद्य मंत्री बघेल ने किया छात्र-छात्राओं का अभिनंदन
गुलाल, तिलक और मिठाई से हुआ नन्हें विद्यार्थियों का स्वागत
बेमेतरा में शाला प्रवेश उत्सव: शिक्षा, संस्कार और संकल्प का संगम
शाला प्रवेश उत्सव में छाया सांस्कृतिक रंग, खाद्य मंत्री ने दी रू.10 लाख की सौगात
बेमेतरा 17 जून 2025/- शिक्षा को प्रोत्साहन देने एवं नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करने के उद्देश्य से आज ग्राम मोहरेंगा, विकासखंड बेमेतरा (विधानसभा नवागढ़) स्थित पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल थे। साथ ही विशेष अतिथि के रूप में विधायक बेमेतरा दीपेश साहू, विधायक साजा ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रह्लाद रजक, अध्यक्ष जनपद पंचायत बेमेतरा हेमा दिवाकर, जनपद सदस्य अजय साहू, सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, पंच-सरपंच, शिक्षक, पालक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मंत्री बघेल ने शाला में नवप्रवेशी बच्चों का पारंपरिक गुलाल तिलक एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया एवं सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत कक्षा 9 वीं की 10 बालिकाओं को सायकल वितरित की गई।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए प्रेरक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गई, जिनमें बच्चों ने देशभक्ति गीतों एवं लोक नृत्य के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। इन प्रस्तुतियों से प्रभावित होकर मंत्री बघेल ने प्रतिभागी छात्राओं को 20-20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय परिसर की चारदीवारी निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की घोषणा भी की। खाद्य मंत्री बघेल और अतिथियों ने परिसर में वृक्षारोपण किया।
मंत्री बघेल ने कहा शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है, कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। ‘हर बच्चा स्कूल जाए’ का यह संकल्प शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही हम शिक्षित और आत्मनिर्भर राज्य का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही भविष्य की नींव है। ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध करने के लिए ऐसे आयोजनों का महत्वपूर्ण योगदान है।
मंत्री बघेल ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देना भी आवश्यक है। विद्यालय प्रारंभिक जीवन की दिशा तय करता है, अतः सभी पालक अपने बच्चों को नियमित विद्यालय भेजें। उन्होंने पालकों से अनुरोध किया कि बच्चा स्कूल से आए तो उससे स्कूल में क्या पढ़ाया जानकारी भी लें। उसका ध्यान रखें।
विधायक दीपेश साहू ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि उत्पन्न होती है, और पालकों में जागरूकता आती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल जानकारी का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने का सशक्त उपकरण है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें प्रेरणा देने का भी कार्य करें।
विधायक ईश्वर साहू ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान सरकार शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है और उसकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही हम सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं। कार्यक्रम को प्रहलाद रजक और अजय साहू ने भी संबोधित किया।
’कलेक्टर रणबीर शर्मा ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव एक सामूहिक प्रयास है, जिससे हम समाज के अंतिम छोर पर खड़े बच्चे तक शिक्षा का उजाला पहुँचा सकते हैं। जिला प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इस साल बीते साल की अपेक्षा हाई/हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम में सुधार हुआ। और आगे भी अच्छे परीक्षा परिणाम की उम्मीद जतायी।

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