जबलपुर में एम्बुलेंस संचालकों की दादागिरी चल रही है। शहर का हर अस्पताल और किराया खुद से तय कर रखे हैं। कोई दूसरा उनके क्षेत्र में दखल नहीं दे सकता है। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में रविवार रात को इसका खामियाजा बुजुर्ग महिला और उसके बेटे को उठाना पड़ा। पड़ोसी मरीज को सस्ते में एम्बुलेंस उपलब्ध कराने में मदद की कीमत वृद्धा को जान देकर तो बेटे को मारपीट के रूप में चुकानी पड़ी। गढ़ा पुलिस ने मामले को जांच में लिया है।
गढ़ा पुलिस के मुताबिक चीचली नरसिंहपुर निवासी फूला बाई अहिरवार (59) को लिवर से संबंधित बीमारी के चलते बेटा हेमराज 12 मार्च को मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराने लाया था। फूलाबाई का वार्ड नंबर 16 में इलाज चल रहा था। हेमराज ही मां की देखभाल कर रहा था। रविवार को उनके पड़ोस में भर्ती मरीज की डेथ हो गई। परिजनों को शव ले जाना था। वे बाहर खड़े एम्बुलेंस संचालकों से बात करने पहुंचे तो वहां 8 हजार रुपए मांगे गए। परिवार के पास उतने पैसे नहीं थे।
मदद करके फंस गया हेमराज
परिवार की तकलीफ देखकर हेमराज मदद को आगे आया। उसने अपने किसी परिचित से बात कर 4 हजार रुपए में एम्बुलेंस तय करा दिया। हालांकि परिवार वालों के कहने पर आखिर में 3300 रुपए में बात तय हो गई। इसके बाद परिवार वालाें ने मेडिकल परिसर वाले एम्बुलेंस ड्राइवर को मना कर दिया। पर एम्बुलेंस संचालक और अस्पताल में काम करने वाले ठेका कर्मी इस पर नाराज हो गए।
कमीशन बंधा है ठेका कर्मियों का
मेडिकल अस्पताल परिसर में खड़े एम्बुलेंस संचालकों का एक संगठन बना हुआ है। इसमें मेडिकल में काम करने वाले ठेका कर्मी भी शामिल हैं। कमीशन के एवज में वे मरीजों की एम्बुलेंस संचालकों से बात कराते हैं। यहां 8 हजार का सौदा हाथ से निकलने और 3300 रुपए में बुकिंग पर वे नाराज हो गए। एम्बुलेंस संचालक और ठेका कर्मी 15-16 की संख्या में वार्ड नंबर 16 में घुस गए।
ठेका सुरक्षा कर्मियाें पर बड़ा सवाल
आरोपी हेमराज को पकड़ कर मारने लगे। बेटे को पिटता देख वार्ड में भर्ती फूलाबाई चिल्लाने लगी। मारपीट के दौरान आरोपियों में कुछ फूलाबाई के ऊपर ही गिर पड़े। जिससे उनकी मौत हो गई। आरोपियाें ने हेमराज को भी बेरहमी से मारा पीटा। इसके बाद वे धमकी देते हुए भाग निकले। फूलाबाई की मौत से हंगामा मच गया। बात पुलिस तक पहुंची। सीएसपी गढ़ा तुषार सिंह खुद जांच करने पहुंचे। मेडिकल में जगह-जगह सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, लेकिन विवाद के दौरान एक भी बीच-बचाव करने नहीं पहुंचा। एक साथ 15-16 की संख्या में लोग घुसे, तब भी नहीं रोका।
आज होगा पीएम, दर्ज हो सकता है हत्या का प्रकरण
पुलिस ने वार्ड में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को चिन्हित कर लिया है। कुछ हिरासत में भी आ चुके हैं। आज फूलाबाई का पीएम होगा। इसके बाद प्रकरण दर्ज होगा। सीएसपी तुषार सिंह के मुताबिक ये काफी गंभीर मामला है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूरे शहर में एम्बुलेंस संचालकों की मनमर्जी
शहर में 50 से अधिक निजी एम्बुलेंस संचालक हैं। एम्बुलेंस संचालकों ने अपना संगठन बनाते हुए शहर के सभी अस्पताल आपस में बांट लिए हैं। उनकी मर्जी के बगैर उस अस्पताल से कोई दूसरा एम्बुलेंस संचालक मरीज को या शव को नहीं ले जा सकता है। अपनी दादागिरी के दम पर वे अनाप-शनाप किराया वसूल करते हैं। प्रशासन और सीएमएचओ की ओर से भी कभी एम्बुलेंस का किराया निर्धारित नहीं किया गया। और न ही एम्बुलेंस के निर्धारित मानकों के आधार पर इनकी जांच कराई गई।

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