छुरिया/ प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी आदिवासी गोंड़ बाहुल्य विभिन्न ग्रामों में शंभूशेक नरका पंडुम धूमधाम से मनाया गया । छुरिया-डोंगरगढ़ ब्लाक गोंड़ समाज प्रमुख एवं सर्व आदिवासी के ब्लाक संरक्षक दिनेश कोरेटी दिलेर ने अंचल के विभिन्न ग्रामों में आयोजित शंभूशेक नरका पंडुम कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में सामिल होकर गोंड़ समाज के लोगों से अपने गौरवशाली प्राचीन संस्कृति को मूल स्वरूप में यथावत बचाये रखने का आव्हान किया।
गोंड़ समाज ग्राम एवं सर्कल इकाई के तत्वावधान में आयोजित आदिवासी गोंड़ समाज बाहुल्य ग्राम आंको, जोब,एटमेटा- बूचाटोला एवं खपराभाट में शंभूशेक नरका पंडुम कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सामिल होकर ब्लाक गोंड़ समाज छुरिया-डोंगरगढ़ के अध्यक्ष एवं सर्व आदिवासी समाज ब्लाक छुरिया के ब्लाक संरक्षक दिनेश कोरेटी दिलेर ने आदिवासी गोंड़ समाज द्वारा आयोजित शंभूशेक नरका पंडुम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शंभू शेक कोयामुरी द्वीप का 88वां एवं अंतिम शंभू शेक है ।शंभूशेक कोयामुरी द्वीप के पंचखंड धरती के राजा थे।जोकि अपने महान शक्ति ,साहस, जप, तप एवं ज्ञान के बल पर गोंड़वाना लैण्ड के पंचखंड धरती पर एक क्षत्र राज किया। प्राचीन काल में गणराज्य व्यावस्था था जहां गणजीव शंभूशेक को अपना राजा मानते थे। गोंड़ गणजीवों को समूल नष्ट करने के लिए छल कपट कर जहर दिया गया था। लेकिन अपने गोंड़ गणजीवों को जहर सेवन एवं मृत्यु से बचाने के लिए शंभू शेक ने स्वयं जहर का सेवन कर लिया था तब से तेरह दिन अचेत अवस्था में था । गणजीवों के प्रकृति शक्ति से प्रार्थना करने से तथा शंभूशेक ने अपने स्वयं के दिव्य एवं तपोबल से जहर को पचाकर स्वयं अचेत अवस्था से चेतना अवस्था में आ गया। शंभूशेक के अचेत अवस्था से चेतना अवस्था में आने एवं स्वस्थ होने के खुशी में गोंड़ गणजीवों द्वारा हार्षोल्सास से शंभूशेक नरका पंडुम मनाया गया तब से शंभू जागरण दिवस के रूप में इस दिन को मनाया जाता है।
कोरेटी ने गोंड़ समाज के लोगों से कहा कि गोंड़ सगा समाज सामाजिक समरसता एवं भाईचारा की भावना बनाये रखने के लिए सभी समाज के समाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता प्रदान करें लेकिन अपने प्राचीन एवं गौरवशाली संस्कृति, रीति रिवाज,रिश्ता- नाता एवं पूजा पद्धति को प्राचीन व मूल स्वरूप में यथावत बरकरार रखें तथा सामाजिक कार्यक्रमों में दिखावा एवं फिजूल खर्ची से बचें तथा दूर रहें। स्वयं नशामुक्त होकर समाजिक,सांस्कृतिक गतिविधियों के अलावा विकास परक सोच अपनाकर व्यापार, व्यावसाय, शिक्षा,कला,साहित्य एवं आधुनिक खेती में भी अग्रणी भूमिका निभावें ।
ब्लाक गोंड़ समाज छुरिया-डोंगरगढ़ के युवा प्रभाग के अध्यक्ष तोमन आचले ने गोंड़ समाज के युवा एवं युवतियों को सकारात्मक सोच के साथ सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा नशा, जुआ, सट्टा जैसे सामाजिक बुराइयों से कोसो दूर रहकर अपने युवा शक्ति को रचनात्मक कार्यों में लगाने की अपील की। ग्राम आंको, कटेंगाटोला, मरकाकसा,पंडरापानी, बिचारपुर एवं जोब के लोक कलाकारों ने मनमोहक मांदर नृत्य प्रस्तुत किया तथा स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।मुख्य अतिथि श्री कोरेटी ने सभी कलाकारों को नगद राशि देकर सम्मानित किया तथा रानी दुर्गावती के प्रतिमा का विमोचन किया। अवसर पर प्रमुख रूप से गोंड़ समाज के ब्लाक उपाध्यक्ष थानसिंह नेताम,बानो बाई कोर्राम, ब्लाक सचिव समन लाल उइके, सहसचिव चैनलाल कोडापे, प्रभाग के अध्यक्ष अंबिका सलामें, उपाध्यक्ष ललिता सलामें, सर्कल अध्यक्ष गण जानतू आचले ,रामाधार कोड़ापे, इंदलसाय ध्रुर्वे, सर्कल सचिव गण भगवानी दुग्गा, कमलेश हिचामें, मेघनाथ सलामें, कमलेश यादव, कन्हैया कोले, गुलाब उइके,मोतीलाल हिड़को,जानकी पंधरे, रामसुख सलामें, उदय नेताम, संतराम सलामें, भुवनेश्वर नेताम, अशोक सलामें, फूलसिंह तारम, विकास उइके, पंचराम कोमरे, दयाराम सलामें, घनश्याम कोर्राम, दिलीप कोरेटी,शेरसिंह गोंड़िया,कुंवर सिंह मंडावी,गुमान मंडावी आदि सहित छुरिया एवं अंबागढ़ चौकी ब्लाक के सर्व समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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