दुर्ग। साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ खाताधारकों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है। यह कार्रवाई थाना छावनी, थाना उतई, थाना दुर्ग कोतवाली और एसीसीयू दुर्ग की संयुक्त टीम ने की।
पुलिस के अनुसार, तीन अलग-अलग साइबर ठगी के प्रकरणों की जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा रहे थे। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम के अवैध लेन-देन और मनी ट्रेल छिपाने के लिए किया जा रहा था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कुछ आरोपियों ने अपने बैंक खाते 10 हजार से 15 हजार रुपये लेकर साइबर अपराधियों को बेच दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने बैंकिंग दस्तावेज और खातों से जुड़े सिम कार्ड भी सौंप दिए, जिससे खातों का पूरा नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में चला गया।
पुलिस ने मामले में अश्वंश कुमार प्रसाद, सागर राम, नितिन सिंघल, अजय कुमार धहरिया, सोनू कमलाकर पाटने, राहुल यादव, रेखा सिंह और जूही तबस्सुम सहित कुल आठ खाताधारकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के तहत कार्रवाई की है।
कार्रवाई के दौरान बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन या लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।

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