दुर्ग पुलिस को राज्य में दूसरा स्थान, ‘साइबर जागृति’ अभियान से 32 लाख से अधिक लोग हुए लाभान्वित...
त्वरित ख़बरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

दुर्ग। साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए चलाए गए ‘साइबर जागृति’ अभियान में दुर्ग पुलिस को छत्तीसगढ़ राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए राज्य स्तरीय समारोह में दुर्ग पुलिस को सम्मानित किया गया। अभियान के तहत जिले में हजारों जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लाखों लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया।

64,840 कार्यक्रमों के जरिए लोगों को किया जागरूक

दुर्ग पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक साइबर जागृति अभियान संचालित किया गया। इस दौरान जिले में कुल 64,840 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 32,46,001 लोगों को लाभान्वित किया गया।

अभियान का उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और डिजिटल भुगतान से जुड़े साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना था। इसके लिए स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

चौपालों और नुक्कड़ नाटकों से पहुंचाया साइबर सुरक्षा का संदेश

अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में चौपालों, नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई। नागरिकों को बताया गया कि अनजान व्यक्तियों के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करना नुकसानदायक हो सकता है।

मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की उपस्थिति में मिला सम्मान

9 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में दुर्ग पुलिस को यह सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा उपस्थित रहे।

समारोह में पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार भी मौजूद थे। दुर्ग पुलिस की ओर से अभियान के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणिशंकर चन्द्रा ने पुरस्कार ग्रहण किया।

साइबर ठगी से बचने पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान व्यक्तियों के कहने पर ऑनलाइन भुगतान करने से भी बचें।

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

दुर्ग पुलिस को मिला यह राज्य स्तरीय सम्मान साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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