दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के मामले में पुलिस ने 7 खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें सुपेला थाना क्षेत्र के 2 और खुर्सीपार थाना क्षेत्र के 5 लोग शामिल हैं। जांच में सामने आया कि संबंधित खाताधारक 5 हजार से 15 हजार रुपए तक के कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और सिम कार्ड दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते थे।
दुर्ग पुलिस के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराधों में म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना सुपेला, थाना खुर्सीपार और एसीसीयू दुर्ग की संयुक्त कार्रवाई में 14 अक्टूबर 2026 को संबंधित खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई।
लाखों रुपए के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
पुलिस की जांच में पता चला कि कमीशन के बदले उपलब्ध कराए गए बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए किया गया। संबंधित खातों में लाखों रुपए से अधिक के लेन-देन सामने आए हैं। बैंक खातों के विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने खाताधारकों की भूमिका की जांच करते हुए कार्रवाई की।
इस दौरान बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
सुपेला और खुर्सीपार क्षेत्र के आरोपी शामिल
पुलिस के मुताबिक, सुपेला थाना क्षेत्र में फेडरल बैंक और उत्कर्ष बैंक से संबंधित खातों के मामले में दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। वहीं, खुर्सीपार थाना क्षेत्र में इंडियन बैंक से जुड़े पांच खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई हुई।
सुपेला क्षेत्र के आरोपियों में शुभम चौधरी और गुरमीत कौर के नाम शामिल हैं। खुर्सीपार क्षेत्र के मामलों में तरुण नायक, निखिल नेताम, यसमीत सिंह, गौरव साहू और नरगिस के नाम सामने आए हैं।
पुलिस ने थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1321/2026 और 1324/2026 तथा थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 272/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2), 318(3) और 317(4) में प्रकरण दर्ज किए हैं।
बैंक खाता और एटीएम कार्ड दूसरों को देने से बचें
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में हो सकता है, जिससे खाताधारक भी कानूनी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
यदि किसी व्यक्ति को अपने बैंक खाते के दुरुपयोग की आशंका हो, तो वह तत्काल संबंधित बैंक या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करे। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराई जा सकती है।

Facebook Conversations