रायपुर। छत्तीसगढ़ के हजारों आदिवासी दूसरे राज्यों में पलायन कर चुके हैं. ऐसे में अब उनपर समस्याएं आन पड़ी है. उन आदिवासियों को अब दूसरे राज्यों से भी भगाया जा रहा है. उनके घर तोड़े जा रहे हैं, जिससे हजारों आदिवासी बेघर हो रहे हैं. इसी कड़ी में सांसद दीपक बैज ने लोकसभा में इस मसले को सदन के सामने रखा. साथ ही कहा कि उन आदिवासियों को जहां हैं, वहीं रहने दिया जाए, उनके साथ कोई अत्याचार न हो.
लोकसभा में दीपक बैज ने कहा कि तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में हजारों आदिवासी 1-20 साल पहले पलायन कर चुके हैं, जिन पर वहीं की सरकार जुल्म ढा रही है. उनके मकानों को तोड़ा जा रहा है, उको भगाया जा रहा है. उनके बच्चे बेघर हो रहे हैं.
दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासन की एक टीम गठित की है, जिससे आदिवासियों को चिन्हांकित कर मदद कर सके, लेकिन वहां की सरकारें आदिवासियों पर जुल्म कर रही हैं. दीपक बैज ने कहा कि मेरी मांग है कि केंद्र सरकार उक्त आदिवासियों की मदद करे.
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार पुनर्वास के लिए 2019-20 के तहत जो मिजोरम से त्रिपुरा गए आदिवासियों की तरह पुनर्वास की नीति बनाएं. साथ ही जो आदिवासी जहां हैं, उन्हें वहां रहने का अधिकार दें. साथ ही वन अधिनियम 2006 की धाराओं के तहत आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में जो जहां रहने का अधिकार दें, जिससे आदिवासी बेघर न हों.

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