दुर्ग - दुर्ग के जाने माने बिल्डर्स मनोज राजपूत अब फिल्म इंडस्ट्री में अपना करियर बनाने जा रहे हैं। उन्होंने एमआर फिल्म नाम से अपना प्रोडक्शन हाउस तैयार किया है। इस प्रोडक्शन हाउस की पहली फिल्म "गांव के जीरो शहर के हीरो" का शनिवार को इनॉग्रेशन हुआ। यह फिल्म बिल्डर मनोज राजपूत के जीवन पर बनी है। इसमें वो खुद हीरा रोल अदा करेंगे। साथ ही साथ बॉलीवुड एक्टर भगवान तिवारी भी इस फिल्म में नजर आएंगे।
भगवान तिवारी ने खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि ये उनकी पहली छत्तीसगढ़ी फिल्म है। उन्होंने कहा कि वो खुद छत्तीसगढ़ में पले बढ़े हैं। इसलिए उनका यहां से विशेष लगाव है। उन्होंने ये फिल्म अपनी शर्तों पर साइन की है। फिल्म में अभिनय के साथ-साथ वो छत्तीसगढ़ी मूवी को एक अलग मुकाम तक ले जाने के लिए अपना डायरेक्शन भी देंगे। उन्होंने कहा कि वो छत्तीसगढ़ी फिल्म काफी पहले से करना चाह रहे थे, लेकिन कोई अच्छी स्क्रिप्ट उनके पास नहीं आई, इसलिए वो तैयार नहीं हुए। इसी दौरान उनके मित्र तोरण भाई ने एक कहानी बताई। मैंने जब स्क्रिप्ट पढ़ी तो मुझे स्टोरी अच्छी लगी। इसमें मनोज राजपूत के जीवन की संघर्ष वाली कहानी दिखाई गई है। मनोज राजपूत खुद अभिनय कर रहे हैं। इसलिए मैंने इसमें काम करने के लिए हामी भरी।
छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर जिले के रहने वाले हैं भवानी
भवानी तिवारी अंबिकापुर जिले के रहने वाले हैं। उनके मूलतः निवास की बात करें तो वो रामानुजगंज बिहार बार्डर से हैं। उनका बचपन काफी संघर्षमय रहा। बड़े होने पर एक्टिंग करने के लिए दिल्ली गए। वहां कई सालों तक थिएटर किया। इसके बाद 22-23 सालों से मुंबई में रह रहे हैं। इस दौरान कई फिल्मों और वेब सिरीज में काम किया। जल्द ही प्रकाश झा की नई वेब सिरीज "लाल बत्ती" आ रही है। इसमें भवानी तिवारी के साथ नाना पाटेकर, संजय कपूर, अनुष्का, मेघना मलिक जैसे एक्टर दिखाई देंगे।

छत्तीसगढ़ की सबसे महंगी फिल्मों से होगी एक
मनोज राजपूत ने बताया कि उनकी ये फिल्म छालीवुड की सबसे महंगी फिल्मों में से एक होगी। इस फिल्म की शूटिंग सिर्फ छत्तीसगढ़ ही हनीं पूरे इंडिया के अलग-अलग लोकेशन में होगी। इस फिल्म में मनोज राजपूत, भवानी तिवारी, श्नेहा यादव, सुनील सोनी, पप्पू चंद्राकर और प्रमोद शर्मा जैसे कलाकारों को लिया गया है।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा को आगे ले जाने के लिए दक्षता जरूरी
छत्तीसगढ़ी सिनेमा के कलाकार और टेक्नीशियन थोड़े दक्ष हो जाएं। बाहर से कलाकार आएं तो वो बेहतर हो सकेगा। बॉलीवुड काफी प्रोफेशनल है। वहां के टिप्स और थॉट्स लेकर कार्य करने पर छत्तीसगढ़ी सिनेमा भी मराठी, तमिल तेलगू फिल्म की तरह अपना नाम कमा सकेगा। मेरे लिए भी यह देखने वाली बात होगी की यहां किस तरह से काम होता है और क्या उसमें सुधार किया जा सकता है।

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