दुर्ग / NGO के कार्यकर्ता बनकर छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में ठगी कर रहे है जो असल में NGO कार्यकर्ता नही है बल्कि गरीब बच्चो को अच्छी शिक्षा देंगे कहकर लुटने वाले दलाल है | इन लोगो के द्वारा गरीब बच्चो के लिए बी.एस. सी. नर्सिग पाठ्यक्रम हैं कहकर जिसकी पढ़ाई में लाखों खर्च हो जाते है हमारा NGO एकमात्र ऐसा NGO है जो कम शुल्क में अच्छी शिक्षा कराएगी प्रलोभन देकर ऐसी झूठी आशा, उम्मीद दिखाकर लोगों को पढाई के नाम पे लुटा जा रहा हैं l जिला महासमुंद एवं बालोद जिले अन्य जिलों में ठगी के शिकार हुए बलिकाए ने जिला दुर्ग के नेवई थाना में कॉलेज के नाम से रिपोर्ट दर्ज किया है | डॉ राजेंद्र प्रसाद कॉलेज ऑफ नर्सिंग रिसाली दुर्ग- प्रिंसिपल का नाम अनुराग जॉन, डायरेक्टर सुभाष, दलाल- रंजीत पाल ,संगीता पाल , ये सब मिलकर दुर्ग जिले में डॉ राजेंद्र प्रसाद कॉलेज ऑफ नर्सिंग रिसाली में अपना NGO चलाते हैं जहाँ नर्सिंग ट्रेनिंग दी जाती हैं और गरीब बच्चों को एडमिशन कम फ़ीस लेकर दिया जाता हैं ऐसा बच्चों एवं पालको को प्रलोभन एवं उनका विश्वास जीतकर एडमिशन के लिए तैयार करते है और फिर धीरे धीरे मांग बढ़ते जाता हैं और बच्चों के अभिभावकों को पहले कम फीस बताकर एडमिशन करवा रहें हैं एडमिशन हो जाने के बाद पालकों को लुटा जा रहा हैं शुरू में सिर्फ दस हज़ार लिया जाता हैं फिर 3 साल बाद बच्ची जब राची जाएगी पढ़ने तब 35 हज़ार लगेगा ऐसा कहा गया | उसी बीच कॉलेज द्वारा बीच- बीच में कुछ गतिविधियों के नाम से 5 हज़ार 2 हज़ार 1 हज़ार लगेगा बोलकर फीस लिया जा रहा हैं बात तब बढ़ी जब पालको को कहा गया की लोन के माध्यम से 1 लाख 9 हज़ार निकाल कर हमे दो तभी आपके बच्चों के ओरिजिनल डॉक्यूमेंट को दिया जाएगा नही तो भुल जाओ ऐसा कहते हुए बच्चों एवं उनके पालको को वापस लौटा दिया गया , एसे 7 से अधिक छात्राए हैं जिनको यही सब कहकर एडमिशन दिया गया छात्राओ के साथ अन्याय हो रहा हैं उनके भविष्य के साथ खेला जा रहा हैं पालको को और छात्राओं को अब न्याय चाहिए |
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