भिलाई शहर भव्य संगीत संध्या का साक्षी बनने जा रहा है। रवींद्र निकेतन, हुडको कालीबाड़ी के सहयोग से नवगठित संगीत समूह सुर-ओ-बानी द्वारा विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम को उनके द्वारा लिखे गए गीतों और कविता पाठ के माध्यम से 16 जून 2024, रविवार को हुडको कालीबाड़ी में शाम 7 बजे से श्रद्धांजलि अर्पित किया जायेगा । काजी नजरुल इस्लाम की संगीत और काव्य यात्रा को उनके जीवन परिचय के साथ-साथ हमारे शहर के कुछ उभरते और स्थापित गायकों द्वारा गीतों और कविताओं की प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इस गरिमामायी अवसर पर अनीश सेनगुप्ता (सीजीएम, यूआरएम, भिलाई स्टील प्लांट) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सुर-ओ-बानी समूह के मुख्य सदस्य जॉली सेन, सुजाषा सेन, भास्वती बोस के मार्गदर्शन में ख्याति शर्मा, संस्कृति सेन, समवी इमाम, अस्मिता मुखर्जी जैसे उभरते गायकों और उमा मित्रा, बीना साहा जैसे प्रतिष्ठित गायकों के साथ अपनी प्रस्तुतियों को प्रस्तुत करेंगे। काजी नजरूल इस्लाम की प्रसिद्ध कविताओं का पाठ जॉली चक्रवर्ती, सुबीर भट्टाचार्य, सोमाली शर्मा, समरेंद्र विश्वास, बानी चक्रवर्ती और उदय भकत द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा|सम्पूर्ण संगीत संध्या में तबला वादन रुद्र प्रसन्न जेना और कीबोर्ड वादन अजीत बनर्जी द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने सुचारू और व्यवस्थित तरीके से संपन्न करने में सुर-ओ-बानी समूह को कला,संस्कृति तथा समाज के प्रसिद्ध हस्तियों डॉ सुदेशना सेनगुप्ता, मानव सेन,शक्ति चक्रवर्ती, मणिमय मुखर्जी, रूपक दत्ता, बबलू बिस्वास और श्यामल रॉय द्वारा सम्पूर्ण योगदान तथा विशेष सहयोग प्रदान किया जा रहा है। तकनीकी सहयोग गौतम शील और सुभाशीष डे द्वारा प्रदान किया जायेगा|सम्पूर्ण कार्यक्रम की परिकल्पना तथा रूपरेखा सुबीर रॉय ने तैयार की है|


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