नगर निगम भिलाई में बुधवार को वार्ड समिति के अध्यक्ष चुनने के लिए चुनाव होगा, जिसमें जोन 2 वैशाली नगर, जोन-3 मदर टेरेसा नगर, जोन-4 शिवाजी और जोन-5 की वार्ड समिति के अध्यक्ष का चुनाव होगा। जबकि वार्ड एक नेहरू नगर का पदेन सभापति होता है। इसके चलते यहां चुनाव नहीं होगा। इस प्रक्रिया को गलत बताते हुए भाजपा पार्षदों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
उनका कहना है कि पहले निगम एक्ट के मुताबिक, पहले मेयर इन काउंसिल का गठन होता है। इसके बाद वार्ड समितियों के अध्यक्ष का चुनाव होता है। भाजपा पार्षदों का कहना है कि छग नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 क (1) मे उल्लेखित प्रावधान के अनुसार 3 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले नगर निगम में वार्ड समिति का गठन धारा 18 की उपधारा 1 के अधीन अध्यक्ष के निर्वाचन की तारीख से 30 दिवस के भीतर किए जाने का प्रावधान है। कंडिका 1 से 3 में उल्लेखित विधि के प्रावधानों से स्पष्ट है कि सर्वप्रथम मेयर-इन-काउंसिल का फिर सलाहकार समितियों का और उसके बाद वार्ड समितियों का चुनाव होगा।
ऐसे में एमआईसी और सलाहकार समितियों का गठन किए बिना वार्ड समितियों का चुनाव कराया नियम विरुद्ध है। वहीं, भिलाई निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे का कहना है कि निगम के सभी एक्ट का पालन करते हुए वार्ड समिति के चुनाव कराए जा रहे हैं। विरोध दर्ज कराने वाले पार्षद की गलत तरीके से व्याख्या कर रहे हैं। बहरहाल वार्ड समिति के चुनाव में आज गहमागहमी देखे जाने के आसार हैं। चूंकि कांग्रेस बहुमत में है इसलिए वार्ड समितियों में कांग्रेस का कब्जा रहने की भी संभावना है। वहीं इस मामले में भाजपा पहले से ही विरोध जता रही है। आज वार्ड समितियों का चुनाव रोचक रहेगा।

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