बेरोजगार इंजीनियर ने मौत को गले लगा लिया
त्वरित ख़बरें - प्रेमिका की दूसरी जगह शादी से आहत होकर दी जान:इंजीनियर लड़का था बेरोजगार, परिजनों ने लड़की का विवाह नौकरीवाले से किया

छिंदवाड़ा की लड़की के परिजनों ने उसका रिश्ता नौकरी करने वाले से तय कर दिया तो बेरोजगार इंजीनियर ने मौत को गले लगा लिया। भोपाल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद 24 साल का सूरज साहू प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। बेरोजगार होने के कारण वह लड़की का प्यार नहीं पा सका। इसको लेकर इंजीनियर 3 दिन से डिप्रेशन में था।

मौके से नहीं मिला सुसाइड नोट
पुलिस को मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला है। मोबाइल फोन में भी पुलिस को अब तक कुछ नहीं मिला है। फांसी लगाने के पहले कमरे में जाते हुए भाभी से मृतक ने अंतिम शब्द बोले सब ठीक है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मूलत: छिंदवाड़ा में रहने वाला 24 साल का सूरज साहू पिता राजकुमार साहू इंजीनियरिंग कर चुका था। उसका बड़ा भाई आशीष साहू सिविल इंजीनियर है।

आशीष एक निजी कंपनी में जॉब करता है। सूरज बड़े भाई और भाभी के साथ सागर अभिनव हाइट्स मिसरोद में रह रहा था। उसने रविवार दोपहर करीब 2 बजे भाभी के साथ खाना खाया। वह अपने कमरे में चला गया। इधर भाभी बच्चे के साथ कमरे में सोने चले गए। भैया-भाभी उसे तीन दिन से समझा रहे थे।

सीलिंग फैन से लटकर दी जान
शाम तक सूरज के बाहर नहीं आने पर भाभी ने सूरज को आवाज लगाई। अंदर से कोई आवाज नहीं आया। उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन सूरज कुछ नहीं बोला। फोन पर सूचना मिलते ही आशीष भी घर आ गया। आशीष ने सूरज को आवाज देते हुए दरवाजा को धक्का मारना शुरू कर दिया। उन्होंने ऊपरी मंजिल पर रहने वाले अपने चाचा रूपेश साहू को बुला लिया।
काफी कोशिश करने के बाद दरवाजा कुछ खुल गया। अंदर जाने पर उन्हें सूरज फंदे से लटका मिला। उसने सीलिंग फेन से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

लड़की से करता था प्यार

तीन दिन से वह रो रहा था। इस कारण वे उसे अकेला नहीं छोड़ते थे। उन्होंने उसे काफी समझाया कि जीवन बहुत बड़ा है। कई लोग आते-जाते रहते हैं। जिंदगी ऐसे ही खत्म होती है। रविवार दोपहर में खाना खाने के बाद उसने पपीता का शेख भी पिया। कमरे में जाने के पहले वह भाई से बोला ठीक है। उसके बाद कमरे में चला गया था।

आशीष ने बताया कि सूरज छिंदवाड़ा में ही रहने वाली एक लड़की से प्यार करता था। अभी जॉब नहीं होने के कारण लड़की के परिजनों ने उससे उसकी शादी करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने लड़की की शादी तीन दिन पहले जॉब करने वाले लड़के से कर दी। सूरज ने भोपाल से ही इंजीनियरिंग की थी। वह लड़की की शादी होने के बाद से ही डिप्रेशन में था।

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