राजनांदगांव, 06 मार्च 2022.महिलाओं का स्वास्थ्य सुदृढ़ रहे, इस आशय पर जोर देते हुए जिले में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल और शहरी स्वास्थ्य केंद्र में महिलाओं के लिए निशुल्क कैंसर रोग जांच एवं परामर्श शिविर लगाया जाएगा जिसमें प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग अध्यक्ष डॉ. मीना आर्मो अपनी सेवाएं देंगी।
हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के मार्गदर्शन व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के दिशा-निर्देशन में जिले में इस वर्ष भी महिलाओं के लिए विविध आयोजन किए जाएंगे। इसी कड़ी में मेडिकल कॉलेज पेंड्री, जिला अस्पताल बसंतपुर और शहरी स्वास्थ्य केंद्र शंकरपुर में महिलाओं के लिए कैंसर जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में हिमोग्लोबिन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, स्तन कैंसर, मुख कैंसर व गर्भाशय कैंसर की निशुल्क जांच की जाएगी तथा कैंसर के लक्षण पाए जाने की स्थिति में इलाज शुरू किया जाएगा। साथ ही महिलाओं को कैंसर के कारण, लक्षण व उपायों की जानकारी देकर कैंसर से बचाव हेतु जागरुक किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बतायाः “असंतुलित जीवनशैली की वजह से महिलाओं में कैंसर रोग होने का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है लेकिन शुरुआत में ही बीमारी के लक्षणों को भांपकर इलाज कराने से यह बीमारी ठीक भी की जा सकती है। कैंसर रोग से बचाव के लिए सबसे पहले इसके लक्षणों को जानना जरुरी है ताकि जल्द से जल्द बीमारी का पता लगाया जा सके और उचित इलाज किया जा सके। महिलाओं में कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं देंगे।“
स्तन कैंसर-महिलाओं में स्तन कैंसर दुनिया भर में सबसे आम है और आजकल असंयमित जीवनशैली के कारण कम उम्र की लड़कियों को भी यह रोग होने लगा है। स्तन कैंसर में ब्रेस्ट में गांठ बन जाती है और कई बार निप्पल से सफेद पानी (ट्रांसपेरेंट पानी) और खून निकलता है। ऐसे में सबसे जरूरी ये होता है कि पीड़ित समय-समय पर अपने स्तन की जांच करवाए। इसमें मैमोग्राफी टेस्ट किए जाते हैं और स्तन कैंसर का पता लगाया जाता है।
सर्वाइल या गर्भाशय ग्रीवा कैंसर-गर्भाशय ग्रीवा कैंसर में आमतौर पर महिलाओं की माहवारी में बदलाव नजर आते हैं। साथ ही मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद भी ब्लीडिंग हो सकती है या योनि से डिस्चार्ज जिसमें कि सफेद पानी के साथ ज्यादा दुर्गंध आने की समस्या हो सकती है। ऐसे में अगर ये तमाम लक्षण महसूस हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श लें। इसमें सर्विक्स के कुछ सेल्स निकालकर टेस्ट किया जाता है।
ओवेरियन या अंडाशय का कैंसर -ओवेरियन कैंसर में महिलाओं के ओवरिज में सिस्ट (गांठ) बन जाती है, जिसके कारण कई बार गर्भाशय और फेलोपियन ट्यूब्स (अंडवाहिनी नलिका) खराब हो सकती हैं। इस कैंसर के कारण गर्भधारण आमतौर पर बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। इस कैंसर को जल्दी पहचानना बेहद जरूरी है अन्यथा शरीर की कई समस्याएं और बढ़ सकती हैं। इसमें पेट में सूजन,पेट में दबाव और दर्द, बार-बार पेशाब और मासिक धर्म में अनियमितता जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
कैंसर के लक्षणों को ऐसे पहचानें
-दवाओं से आराम ना मिलना
-सामान्य संक्रमण से ज्यादा दिनों तक लक्षणों का रहना
-महिलाओं में प्रसूती संबंधी समस्याओं का बढ़ जाना।

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