आयुष पॉलीक्लीनिक में लगाया स्वास्थ्य जांच शिविर,
त्वरित ख़बरें - रिपोर्टिंग निशा बिस्वास मार्केटिंग हेड - वृद्धजनों ने कराई ब्लड शुगर एवं नेत्र जांच

राजनांदगांव, 11 मार्च 2022. वृद्धजनों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए शासकीय आयुष पॉलीक्लीनिक में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वृद्धजनों व ओपीडी के अन्य मरीजों सहित 107 लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई। इस अवसर पर मरीजों को स्वास्थ्य परामर्श भी दिया गया।

 वृद्धजनों के लिए नि:शुल्क ब्लड शुगर एवं नेत्र जांच शिविर आयुष पॉलीक्लीनिक की डॉ. प्रज्ञा सक्सेना द्वारा सीपीएम स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया जिसमें वृद्धजनों एवं ओपीडी के अन्य रोगियों ने जांच कराई। शिविर में 23 मरीजों की नेत्र जांच व  49 मरीजों की मधुमेह जांच सहित कुल 107 लोगों को लाभान्वित किया गया। शिविर में सुश्री चीना, आनंद शुक्ला, अनीता जांगडे, अनुसूईया साहू, हेमलता बड़ा, भीमकन्या पाटिल, कीर्ति व सुश्री कांति कोमरे समेत अन्य कर्मचारियों ने अपनी सेवाएं दी।

इस दौरान वृद्धजनों को मोतियाबिंद, घुटना प्रत्यारोपण जैसी शल्य चिकित्सा समेत अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी दिया गया। डॉ. प्रज्ञा सक्सेना ने बताया, उम्रदराज लोगों को नियमित रूप से व्यायाम और प्रणायाम करना चाहिए। स्ट्रोक का मुख्य कारण सामान्यतः कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर ही होते हैं जिसमें मस्तिष्क के हिस्से में रक्त की आपूर्ति अचानक बाधित होती है। लेकिन अच्छी सेहत के लिए दोनों में नियंत्रण रखने के साथ धूम्रपान, आहार व मधुमेह पर भी नियंत्रण रखना आवश्यक होता है।बुजुर्ग लोगों के आहार में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल होने चाहिए ताकि वे तंदुरूस्त और सक्रिय रहें। वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ और सक्रिय रहने के लिए विटामिन और खनिज की आवश्यकता अधिक होती है। उम्र बढ़ने से शारीरिक संरचना बदल जाती है तथा ये बदलाव बुजुर्गों की पोषण संबंधी जरूरत को प्रभावित करता है। बुजुर्ग या वृद्ध लोगों को कम मात्रा में कैलोरी की आवश्यकता होती है क्योंकि उनकी कमज़ोर मांसपेशियां और शारीरिक गतिविधियां उम्र बढ़ने के साथ घट जाती हैं।

 बुजुर्गों के लिए व्यायाम आवश्यक

डॉ. सक्सेना ने आगे बताया कि उम्र संबंधित विघटनकारी रोग को रोकने और स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए बुजुर्गों को अधिक से अधिक मात्रा में कैल्शियम, आयरन, जिंक, विटामिन ‘ए’ और एंटीऑक्सीडेंट की आवश्यकता होती है। उम्र बढ़ने की प्रक्रिया शुरू होते ही अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखना बेहद आवश्यक है क्योंकि यह जीवन प्रत्याशा बढ़ाता है। बुजुर्गों के लिए व्यायाम करना आवश्यक है, क्योंकि यह शरीर के वजन और जोड़ों में लचीलेपन को नियंत्रित करने में मदद करता है। नियमित व्यायाम सत्र से विघटनकारी रोगों का ज़ोखिम काफी हद तक कम हो जाता है।

नरम आहार लेना लाभदायक

आमतौर पर बुजुर्ग भूख कम लगने या कभी-कभी चबाने में कठिनाई की शिकायत करते हैं। बुजुर्गों का आहार फल और सब्जियों सहित नरम आहार होना चाहिए। हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों जैसे कि दुग्ध उत्पाद (कम वसा), हल्का दूध (टोंड दूध) और हरी पत्तेदार सब्जियों को प्रतिदिन आहार में शामिल करना चाहिए ताकि ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों के अस्थि-भंग (फ्रैक्चर) को रोका जा सकें। पर्याप्त मात्रा में दालें, टोन्ड दूध (हल्का दूध), अंडे की सफेदी आदि का सेवन करें क्योंकि इनमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है।

इनसे करें परहेज

बुजुर्गों को संतृप्त वसा, मिठाई, तैलीय आहार, नमक और चीनी के स्तर में कटौती करनी चाहिए। घी, तेल, मक्खन के उपभोग से पूरी तरह बचना चाहिए। इसके अलावा, मसालेदार खाने से भी बचना चाहिए। बुजुर्गों के भोजन को अच्छी तरह से पकाया जाना चाहिए। उनका भोजन नरम, कम नमक व मसाला रहित होना चाहिए।

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