त्वरित खबरें /6 मार्च को प्रस्तुत होने वाले बजट के पूर्व भारतीय किसान संघ ने सरकार के विरोध में 27 फरवरी को प्रदेश के हजारों किसानों के साथ मोर्चा खोल दिया था। दो वर्ष के बोनस के वादे, धान खरीदी प्रति एकड़ 20 क्विंटल लेने आदि मुद्दों पर बुढ़ातालाब स्थित धरना स्थल पर लगभग 19 जिलों से आए हजारों किसानों ने अपने अधिकार के लिए सरकार को उसके किये वादों को याद कराया था।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश भर से आये किसान कार्यकर्ताओं ने सरकार को जमकर कोसा था। धानवान प्रदेश कहने वाले और गंगाजल की कसम खाकर एक एक दाना धान की खरीदी की बात करने वाली सरकार को किसानों के उपज की चिंता नही हो रही थी। भारतीय किसान संघ के प्रदर्शन के बाद सरकार जागी एवं उस पर निर्णय भी लिया। भारतीय किसान संघ प्रदेश सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करता है 14 सूत्रीय मांग में 20 क्विंटल धान खरीदी का निर्णय स्वागतेय है।
जिला अध्यक्ष ने आगे कहा की जैसे सरकार ने 20 क्विंटल धान खरीदी की मांग को पूरा किया है उसी प्रकार अपने घोषणापत्र में कहे 2 वर्ष के बोनस के वादे के साथ बाकी बचे 13 मांगो को भी पूर्ण करे। उन्होंने कहा सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, यदि किसान के पास पैसा आयेगा तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। आर्थिक क्षेत्र के सभी सेक्टर चाहे वह भवन निर्माण उद्योग हो या ऑटोमोबाइल उद्योग हो या कपड़ा उद्योग हो सभी में तेजी आयेगी। बोनस जैसे विषय को सरकार ने प्राथमिकता देकर पूरा करना चाहिए क्योंकि यह सभी के लिए फायदेमंद है।