मोतीपुर में ग्रामीण मानस मंडली वेलफेयर सोसाइटी ने मनाया एड्स जागरूकता पखवाड़ा

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राजनांदगांव। मोतीपुर वार्ड क्रमांक 3 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 1 से 15 दिसंबर तक विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में एड्स जागरूकता पखवाड़ा मनाया गया। इस दौरान ग्रामीण मानस मसीह मंडली वेलफेयर सोसाइटी रेग 17166 के अंतर्गत लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया एचआईवी एड्स को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया। जिसमें सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी वर्मा ने उपस्थित गणमान्य एवं सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि इसके एचआइवी पाजिटिव मरीजों का उपचार करने के साथ ही उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोडऩे के प्रयास पर जोर दिया जायेगा। राज्य के एनएफएचएस-5 के आंकड़ों में यह बात सामने आई है कि राज्य में पहले जहाँ 20 प्रतिशत महिलाए ही एचआईवी एड्स के बारे में जानती थी वहीं अब 23 प्रतिशत महिलाओं को एचआईवी एड्स के बारे में पर्याप्त जानकारी है। इसके अतिरिक्त पहले 57 प्रतिशत महिलाएं ही जानतीं थीं कि शारीरिक संबंध के दौरान कंडोम के प्रयोग से एचआईवी एड्स से बचा जा सकता है वहीं अब लगभग 76 प्रतिशत महिलाओं को इस बारे में पता है। यह बीमारी और न बढ़े इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसीलिए अधिक से अधिक मरीजों का एचआईवी टेस्ट करके उनका रजिस्ट्रेशन एआरटी सेंटर में कराया जाए, जिससे वह सही उपचार लेकर एक बेहतर जीवन जी सकें। एचआईवी यानि एड्स एक ऐसा वायरस है जो हमारी शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है। इससे तरह तरह की बीमारियां लोगों को जल्द ही घेर लेती हैं। इसी अवस्था को एड्स कहते हैं। इंजेक्शन से नशा करने वाले आपस में एक दूसरे पर प्रयोग की गई सिरिंज का उपयोग कर लेते हैं। जिससे उन्हें उस समय तो होश नहीं रहता, लेकिन उनकी इस लापरवाही से एचआईवी संक्रमण एक से दूसरे में जरूर पहुंच जाता है। ओएसटी (ओरल सबटीयूएड थेरेपी) सेंटर में ऐसे हजार से ज्यादा मरीजो का उपचार चल रहा है, जो बार बार संक्रमित सुई का उपयोग करते हैं। इनमें कई लोग एचआईवी संक्रमित भी हैं। हमारा समाज इनके लिए सकारात्मक विचारधारा के साथ आगे बढ़ाने में सहायता करें इसी तारतम्य में

 वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक श्री महेश राम वर्मा के द्वारा संबोधित किया गया कि इस वायरस से संक्रमित कोई भी जाति धर्म के व्यक्ति स्त्री पुरुष बच्चे बूढ़े जवान कोई भी हो सकते हैं इसलिए उनके साथ अच्छा व्यवहार करें प्रोत्साहित करें और साथ लेकर चले छूने से या हाथ मिलाने से नहीं फैलता, इसलिए ताना ना मारे सामाजिक बहिष्कार ना करें दुरिया ना बनाए क्योंकि हम सबको मिलकर सफल समाज व देश का निर्माण करना हैं।