विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस विशेष

त्वरित खबरे : भविष्य की बढ़ती चिंता ने किया मानसिक रूप से अस्वस्थ

जगदलपुर 10 अक्टूबर 2022। 

 बृजेश (बदला हुआ नाम) कॉलेज के दिनों में माता पिता से झूठ बोलकर पैसे लेता और उन पैसों से नशा करता था। इससे उसकी पढ़ाई पर भी असर हुआ, अनियमित रूप से कॉलेज जाना और गलत संगति के चलते पढ़ाई बीच मे ही छूट गयी। शराब पीकर घर देर से आना और परिवार वालों से पैसे को लेकर झगड़ा करना रोज की आदत बन गयी थी। कोई व्यवस्थित काम नही होने और आर्थिक तंगी के कारण घरवालों और दोस्तों के बीच अलगाव, चिड़चिड़ापन व्यवहार में दिखने लगा था।

   बड़े भाई की सलाह से धीरे-धीरे नशे की आदत तो ब्रजेश से छूट गयी पर भविष्य की बढ़ती चिंताओं को लेकर मानसिक रूप से अस्वस्थ रहने लगा था। मन मे आत्महत्या करने जैसे बुरे विचार आने लगे थे। एक रोज अखबार के माध्यम से मानसिक विकार, अवसादग्रस्त जैसी समस्याओं के बारे में पढ़ा उसमें स्पर्श क्लीनिक का भी उल्लेख था। पहले तो इसे नजरअंदाज किया लेकिन कुछ दिनों बाद जब दोबारा इस तरह की खबर पढ़ा तो हिम्मत करके स्पर्श क्लीनिक गया। 

``वहाँ जाकर मनोचिकित्सक को अपनी समस्या से अवगत कराया, मनोचिकित्सक द्वारा काउंसलिंग के दौरान सबसे पहले सहज महसूस कराया गया, और विश्वास दिलाया गया कि काउंसलिंग में जो भी बातचीत होगी वह गोपनीय रखी जाएगी। इलाज के दौरान मनोचिकित्सक ने मुझे व्यवहार में बदलाव लाने और अपनी पढ़ाई फिर से जारी रखने की सलाह दी। कुछ माह तक अपना इलाज कराने के बाद आज मैं पुर्ण रूप से स्वस्थ हूँ और शासकीय विभाग में कार्यरत हूँ,’’ ब्रजेश ने बताया ।

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ.ऋषभ साव ने बताया: "मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करने और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर आम जनों को शिक्षित करने के लिए, हर साल दुनियाभर में 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य तनावग्रस्त जीवनशैली में बिगड़ते मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इसके प्रति जागरूकता पैदा करना है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व बनता है कि अपने आस पास के ऐसे व्यक्ति जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है उनका ख्याल रखें और समय रहते अपने नजदीकी शासकीय अस्पताल में उनका इलाज कराने के लिये उन्हें प्रेरित करें।"

    उन्होंने आगे जानकारी देते हुए बताया: " प्रत्येक व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक सेहत का ख्याल रखना भी आवश्यक है। शरीर और मन एक दूसरे के पूरक होते हैं, इनमें से एक में भी होने वाली समस्या का असर दूसरे की सेहत को प्रभावित कर सकता है। पिछले कुछ वर्षों में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के मामले तेजी से बढ़े हैं, विशेषकर युवाओं में तनाव-अवसाद की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसलिए इस तरह की समस्याओं पर ध्यान देना जरूरी है, नही तो ये गंभीर रूप ले सकती हैं। तनाव-अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से बचे रहने के  लिए अच्छी नींद, पौष्टिक आहार और अपने पसंद की चीजों को करने पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। रात में 6-8 घंटे की नींद बहुत आवश्यक है, तनाव-अवसाद से बचे रहने के लिए योग-मेडिटेशन का नियमित रूप से अभ्यास करते रहना आवश्यक है।‘’