रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग ने सभी जोनों में बकाया राशि की वसूली के लिए अभियान तेज कर दिया है। आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर राजस्व वसूली की लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही है। बकाया राशि जमा नहीं करने वाले बड़े बकायादारों की संपत्तियों को सीलबंद किया जा रहा है। खास बात यह है कि कई बकायादार सीलिंग की कार्रवाई होते ही मौके पर ही पूरी बकाया राशि जमा कर रहे हैं।
उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा और सभी जोन कमिश्नरों के मार्गदर्शन में सहायक राजस्व अधिकारियों की टीमें लगातार वसूली अभियान चला रही हैं। इसी क्रम में जोन-5 के राजस्व विभाग ने वार्ड क्रमांक 40 में 6 लाख 18 हजार रुपये के बड़े बकायादार अमरपाल सिंह की संबंधित संपत्ति को बकाया राशि जमा नहीं करने पर सीलबंद किया।
वहीं, जोन-4 के स्वामी विवेकानंद सदर बाजार वार्ड क्रमांक 44 स्थित रामदेव मार्केट में सीलिंग की कार्रवाई के दौरान बकायादार प्रमोद कुमार राव ने 1 लाख 88 हजार 180 रुपये की पूरी बकाया राशि तत्काल जमा कर दी। इसी वार्ड में वर्ष 2021 से 5 लाख 28 हजार 176 रुपये बकाया होने पर श्रीमती पद्मादेवी एवं अन्य की संबंधित संपत्ति भी सीलबंद की गई।
जोन-7 के राजस्व विभाग ने स्वामी आत्मानंद वार्ड क्रमांक 38 के चौबे कॉलोनी में वर्ष 2020-21 से 11 लाख 82 हजार 544 रुपये के बड़े बकायादार भिलाई स्टील एंड रिसर्च सेंटर की संबंधित संपत्ति को बकाया राशि जमा नहीं करने पर सीलबंद कर दिया।
इसके अलावा वार्ड क्रमांक 44 में वर्ष 2019-20 से 5 लाख 4 हजार 762 रुपये बकाया होने पर संबंधित संपत्ति के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं जोन-7 के वार्ड क्रमांक 22 स्थित आमानाका क्षेत्र में पाल गुड्स ट्रांसपोर्ट के बकायादार ने सीलिंग की कार्रवाई होते ही मौके पर 1 लाख 23 हजार 11 रुपये की पूरी बकाया राशि जमा कर दी।
जोन-4 के वार्ड क्रमांक 44 में वर्ष 2020-21 से 2026-27 तक 69 हजार 158 रुपये बकाया होने पर शान्ति लाल बरलोटा की संबंधित संपत्ति को भी सीलबंद किया गया। वहीं जोन-5 में एक बड़े बकायादार ने संपत्ति सीलबंद किए जाने के बाद मौके पर ही 6 लाख 14 हजार 909 रुपये की पूरी बकाया राशि का भुगतान कर दिया।
नगर निगम के जोन-6 राजस्व विभाग की टीम ने भी विभिन्न संपत्तियों को बकाया राशि जमा नहीं करने पर सीलबंद करने की कार्रवाई की। निगम राजस्व विभाग द्वारा बकाया राशि की वसूली के लिए अभियान लगातार जारी रखने की बात कही गई है।