28 सितंबर 2022
सरदार भगत सिंह का नाम अमर शहीदों में सबसे प्रमुख रूप से लिया जाता है भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1960 को पंजाब के जिला लायलपुर में बाघ का गांव (जो अभी पाकिस्तान में है )कि एक देशभक्त सिख परिवार में हुआ था .जिसका अनुकूल प्रभाव उन पर पड़ा था उनके पिता का नाम सरदार 'किशन सिंह' और माता का नाम 'विद्यावती कौर' था यह सीख परिवार था जिसने आर्य समाज के विचार को अपना लिया था उनके परिवार पर आर्य समाज व महरिशी दयानंद की विचारधारा का गहरा प्रभाव था भगत सिंह के जन्म के समय उनके पिता सरदार किशन सिंह एवं उनके दो चाचा अजीत सिंह तथा स्वर्ण सिंह अंग्रेजो के खिलाफ होने के कारण जेल में बंद थे जिस दिन भगत सिंह पैदा हुए उनके पिता एवं चाचा को जेल से रिहा किया गया इस शुभ घड़ी के अवसर पर भगत सिंह के घर में खुशी और भी बढ़ गई भगत सिंह के जन्म के बाद उनकी दादी ने उनका नाम भागो वाला रखा था जिसका मतलब होता है अच्छे भाग्य वाला बाद में उन्हें भगत सिंह कहा जाने लगा वह 14 वर्ष की आयु से ही पंजाब की क्रांतिकारी संस्थाओं में कार्य करने लगे थे. जब विवाह बंधन में बांधने की तैयारियां होने लगी तो वह लाहौर से भागकर कानपुर आ गए फिर देश की आजादी के संघर्ष में ऐसे रम की पूरा जीवन ही देश को समर्पित कर दिया .(उनकी वीरगति 23 मार्च 1931 को हुयी ) उनके जीवन पर आधारित कई हिंदी फिल्में बनी है जिनमें द लीजेंड ऑफ ,भगत सिंह ,शहीद शहीद भगत सिंह आदि आज भी सारा देश उनके बलिदान को बड़ी गंभीरता व सम्मान से याद करता है.