31 मई 2022
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित गांव की एक महिला अपने पति की अस्थियां लेकर पुलिस के पास पहुंची। महिला का कहना है कि कुछ दिनों पहले पति को नक्सलियों ने मार दिया था। डर की वजह से थाने में शिकायत नहीं करवाई थी। अब पुलिस के पास FIR कराने आई तो अफसरों ने मौत का सबूत मांगा, इसलिए 200 से 250 किमी का सफर तय कर पति की अस्थियां लेकर आ गई। इसके बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
जिले के बट्टीगुड़ा की रहने वाली ज्योति मड़कम अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ पामेड़ में पुलिस के पास आई। महिला ने बताया कि 25 मार्च 2022 को नक्सलियों ने पति आयाता समेत 2 लोगों का अपहरण कर लिया था। फिर 27 मार्च को जन अदालत लगाकर पति को मार दिया गया। पति की हत्या के बाद डर था कि कहीं नक्सली परिवार के सदस्यों को भी न मार दें, इसलिए बिना किसी को बताए दाह संस्कार कर दिया गया। डर की वजह से पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी थी। पुलिस अफसरों ने बातों पर यकीन नहीं किया। कहा यदि हत्या हुई है तो सबूत लेकर आओ।
महिला ने बताया कि दाह संस्कार के बाद अस्थियों का विसर्जन नहीं किया गया था। अस्थियां कपड़े में बांधकर घर पर ही रखे हुए थे। अब जब थोड़ी हिम्मत आई तो करीब 200 से 250 किमी का सफर तय कर पामेड़ थाना में पुलिस के पास FIR दर्ज करवाने पहुंचे थे। पुलिस ने सबूत मांगा। महिला और मृतक के छोटे भाई ने बताया कि घर जाकर अस्थियां लेकर आए, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामला तर्रेम थाना का है वहां जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाओ। तर्रेम पहुंचकर पुलिस को अस्थियां सौंप दी गई है। पुलिस ने मामला भी दर्ज कर लिया है।
परिवार की ओर से की गई शिकायत के मुताबिक, मृतक आयाता ने 2 शादियां की थीं। पहली पत्नी गंगी मड़कम से उसके दो बच्चे हैं। साल 2005 में उसने ज्योति मड़कम से दूसरी शादी कर ली। दूसरी शादी का तब नक्सलियों ने खूब विरोध किया, लेकिन वे नहीं माने और गांव में रहने लायक परिस्थिति नहीं बनी तो तेलंगाना के राजूनगरम में जाकर बस गए। इस दौरान वे गांव आते-जाते रहते थे। एक साल पहले मृतक आयता ने ट्रैक्टर खरीदा था। नक्सलियों को शक था कि आयता पुलिस से मिला है और उसे वहीं से पैसे मिल रहे हैं। इस बार 25 मार्च को जब वो फिर गांव आया तो उसका अपहरण कर हत्या कर दी।