चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के प्लान लीक होने के पीछे की क्या है वजह, कहीं यह रणनीति का हिस्सा तो नहीं

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  • चुनावी रणनीति का ब्लू प्रिंट लीक

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली, आनंद जोनवार। वर्तामान दौर में कांग्रेस आलाकमान चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ लगातार बैठक कर रहा है। पीके कांग्रेस  पार्टी को आने वाले चुनावों में  बेहतर प्रदर्शन करने के लिए स्लाइडों के जरिए प्रेजेंटेशन दे रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल कांग्रेस पार्टी के लिए बनाई पीके की चुनावी रणनीति का ब्लू  प्रिंट लीक कैसे हो गया।

प्लानिंग लीक करने के पीछे पीके और कांग्रेस की कोई नई चाल तो नहीं है? ज्यादातर जानकार इस लीक के पीछे पीके की चाल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस पीके की इस रणनीति से बीजेपी को कन्फ्यूजन में रखना चाहती है। हालांकि पीके ने इस प्लानिंग की पीपीटी को जून 2021 में ही कांग्रेस के हाथों में सौंप दिया था। लेकिन पांच राज्यों के चुनावों के इंतजार के चलते इसे रोक कर रखा गया था। 

पीके प्रेजेंटेशन में कांग्रेस का प्रोग्रेसिव प्रदर्शन

भले ही पीके ने अपने प्रेजेंटेशन की शुरूआत गांधी के कोट से की है, जिसके मुताबिक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को कभी मरने नहीं दिया जा सकता,यह सिर्फ राष्ट्र के साथ मर सकती है। लेकिन देश में बदलती सामाजिक राजनीतिक स्थिति ही किसी पार्टी का भाग्य तय करती है। पीके ने अपनी रणनीति में भारत की जनसंख्या से लेकर मतदाताओं की संख्या, लोकसभा और विधानसभा  सीटों के साथ साथ लिंग और जाति के आधार पर भी वोटरों की संख्या बताई है। पीके ने अपने प्रेजेटेंशन में पहली बार वोट करने वोटरों पर अधिक ध्यान दिया है। 2014 में 13 करोड़ फर्स्ट टाइम वोटरों पर फोकस करने के लिए पीके ने कांग्रेस से कहा। 

इलेक्शन रणनीतिकार ने कांग्रेस की देश के साथ राज्यों में मौजूदा स्थितियों के बारे में भी बताया। किशोर ने अपने प्रदर्शन में बताया कि  1984 के बाद से कांग्रेस वोट परसेंट लगातार फिसलता गया। 

पीके ने कांग्रेस को पांच रणनीतिक कदम उठाने को कहा