यूपी में मुख्यमंत्री बुलडोजर बाबा हैं , तो मध्यप्रदेश में बुलडोजर मामा,

त्वरित ख़बरें - शिवराज ने भी इसी स्ट्रैटजी पर काम करना शुरू कर दिया है, उन्होंने एक बयान देते हुए कहा- ‘मामा का बुलडोजर चला है.. जब तक बदमाशों को दफन नहीं कर देगा, रुकेगा नहीं,

उत्तरप्रदेश में बाबा का बुलडोजर कमाल कर गया। अब यही कमाल भाजपा मध्यप्रदेश में करना चाहती है। इसलिए यहां ‘मामा का बुलडोजर’ चलाया जाएगा। इसी लाइन के साथ वो अगले विधानसभा चुनाव में जाने की तैयारी कर रही है। इसके साफ संकेत हाईकमान से मिल गए हैं और शिवराज ने भी इसी स्ट्रैटजी पर काम करना शुरू कर दिया है। हाल ही में उन्होंने एक बयान देते हुए कहा- ‘मामा का बुलडोजर चला है... जब तक बदमाशों को दफन नहीं कर देगा, रुकेगा नहीं।’ 

दरअसल, यह एग्रेशन दिखाने की दो वजह है। इसमें से पहली है UP चुनाव के नतीजे। तमाम अटकलों को खारिज करते हुए बाबा ने बुलडोजर से जो ‘हीरो’ वाली छवि गढ़ी और हार्ड कोर कैंपेन चलाया, उसने सारे समीकरण ही बदल दिए।

दूसरी वजह है- पिछले MP विधानसभा चुनाव का सबक। तब BJP का नारा था– माफ करो महाराज, हमारा नेता शिवराज..। पर यह चला नहीं और सरकार गंवा बैठे। विश्लेषण में सामने आया कि पार्टी ने अपनी लाइन लंबी करने के बजाय विरोधियों पर ज्यादा फोकस कर दिया था। दोनों वजहों को मिलाकर यह लगभग तय हो गया कि MP में ‘हार्डकोर हीरो’ की तरह कैंपेन चलाया जाए तो सत्ता पाने की राह मुश्किल नहीं।

सियासी जानकारों के अनुसार प्रदेश में बीते दिनों तीन बड़ी कार्रवाई हुई है। जिसकी ब्रांडिंग भी खूब की जा रही है। सरकारी तंत्र के साथ-साथ संगठन के लोग भी इस कार्रवाई का प्रचार कर रहे हैं। इससे यही अनुमान लगाया जा सकता है कि हमेशा मुस्कुराते रहने वाले शिवराज सिंह चौहान की एक नई छवि गढ़ने की कोशिश हो रही है।

शिवराज के लिए इस ‘अवतार’ पर बढ़ना चैलेंजिंग रहेगा

राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार अरुण दीक्षित कहते हैं कि शिवराज का मूल स्वभाव यह नहीं है। इसे शिवराज की छवि से जोड़कर नहीं, बल्कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर प्रतीक के तौर पर देख सकते हैं। यूपी में इस एजेंडे से बीजेपी को बड़ा लाभ मिला है। वहां 80:20 के सियासी रंग को अब भाजपा मध्यप्रदेश में भी सरकार के सहारे और गहरा करने की कोशिश कर सकती है। दरअसल, 2018 में बीजेपी सत्ता से बाहर हो गई थी। साफ है कि पार्टी किसी नए एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। अब देखना होगा कि शिवराज इस रास्ते पर कितना आगे तक बढ़ सकते हैं?

युवाओं के बीच बुलडोजर बाबा का क्रेज

बीजेपी के एक बड़े नेता का कहना है कि जब से योगी आदित्यनाथ की वापसी हुई है, तब से बुलडोजर बाबा का क्रेज इतना ज्यादा बढ़ गया है कि लोग यूपी में चुनाव जीतने के बाद अपने हाथों पर बुलडोजर का टैटू बनवा रहे हैं, और साथ ही साथ बुलडोजर बाबा का नाम भी लिखवा रहे हैं। बीजेपी भविष्य में युवाओं को इसी तरह के टैटू लगाने का अभियान शुरू कर सकती है।

सुन ले रे अब्बास....

उत्तर प्रदेश में चुनावी सभा में शिवराज सिंह चौहान ने कहा था- सुन ले रे अब्बास! 10 मार्च को योगी जी का बुलडोजर तेरा हिसाब करेगा, ये माफिया बच नहीं पाएंगे। शिवराज ने भले ही ये बात यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान कही, लेकिन मध्यप्रदेश में भी आरोपियों के घर पर बुलडोजर कई महीनों से चल रहे हैं। शायद इसलिए ही यूपी में मुख्यमंत्री बुलडोजर बाबा हैं तो मध्यप्रदेश में बुलडोजर मामा।