नई दिल्ली : मिडिल क्लास के बीच पोस्ट ऑफिस स्कीम को काफी पसंद किया जाता है. इसका कारण यह है कि यहां पर हाई रिटर्न के साथ आपका पैसा पूरी तरह सेफ रहता है. पोस्ट ऑफिस की पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भी एक ही स्कीम है. यहां पर निवेश करके आप लॉन्ग टर्म में लाखों रुपये का फंड तैयार कर सकते हैं.
रोजाना 167 रुपये का निवेश
इस स्कीम में निवेश करने पर आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहने के साथ ही आपका पैसा टैक्स फ्री होता है. 16 लाख रुपये की मैच्योरिटी के लिए आपको रोजाना 167 रुपये यानी 5000 रुपये महीने का निवेश करना होगा. यदि आप हर महीने अपने पीपीएफ (PPF) अकाउंट में 5,000 रुपये जमा करते हैं तो 15 साल की मैच्योरिटी पर आप 16 लाख रुपये से ज्यादा के मालिक हो जाएंगे.
5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाए टाइम पीरियड
दरअसल पीपीएफ अकाउंट का लॉक-इन पीरियड 15 साल का होता है. यदि आप इसे 15 साल से ज्यादा के लिए ऑपरेट करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको एक फॉर्म भरना होगा. 15 साल का मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर आप PPF अकाउंट को नए कॉन्ट्रीब्यूशन के साथ 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं. यहां हम आपको 25 साल की गणना बता रहे हैं. इसके लिए आपको दो बार 5-5 साल के ब्लॉक खाते को आगे बढ़ाना होगा.
कम्पाउंडिंग का मिलता है फायदा
अगर आप 16वें साल से 25वें साल तक 5 हजार रुपये महीने (167 रुपये रोजाना) का कंट्रीब्यूशन जारी रखते हैं तो 25वें साल की मैच्योरिटी पर आपको 41 लाख रुपये का अमाउंट मिलेगा. गारंटीड रिटर्न वाली इस स्कीम में निवेशकों को कम्पाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिलता है.
पोस्ट ऑफिस की पीपीएफ स्कीम लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन की बेहतर स्कीम है. आप हर महीने 5,000 रुपये का निवेश PPF में करते हैं. इस हिसाब से आपने सालाना 60,000 रुपये का निवेश किया. 5-5 साल के ब्लॉक में अकाउंट बढ़ाने पर यह जब 25 साल में मैच्योर होगा तो आपको 41.23 लाख रुपये मिलेंगे. इसमें आपका 15 लाख रुपये का निवेश होगा, जबकि 26.23 लाख रुपये वेल्थ गेन होगा.
तिमाही आधार पर ब्याज दरों में होता है बदलाव
पीपीएफ (PPF) पर अभी सालाना 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है. आपके लिए 41 लाख का फंड बनाना आसान होगा. पीपीएफ में सालाना आधार पर कम्पाउंडिंग होती है. पीपीएफ अकाउंट में सरकार तिमाही आधार पर ब्याज दरों में बदलाव करती है. पीपीएफ अकाउंट (PPF Account) की मेच्योरिटी 15 साल होती है. लेकिन अकाउंटहोल्डर इसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाने के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
टैक्स फ्री होती है यह राशि
PPF में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनेफिट मिलता है. इसमें स्कीम में 1.5 लाख रुपये तक निवेश का डिडक्शन लिया जा सकता है. PPF में कमाई गई ब्याज और मेच्योरिटी की राशि भी टैक्स फ्री होती है. इस तरह पीपीफ में निवेश EEE कैटेगरी में आता है. PPF अकाउंट पर लोन की भी सुविधा मिलती है. PPF अकांउट जिस साल में खुलवाया गया है, उसके खत्म होने से लेकर एक साल पूरा होने के बाद और 5 साल पूरे होने से पहले, लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं.