आधुनिक खेती से बदली किसान गणेश कचलामे की तकदीर, नैनो उर्वरकों ने बढ़ाई पैदावार

त्वरित खबरे ;हर्ष कुमार गुप्ता

बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम लोहारटोला के प्रगतिशील किसान,  गणेश कचलामे ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और शासन की योजनाओं के मेल से कृषि को एक बेहद मुनाफेदार व्यवसाय में बदला जा सकता है। परंपरागत खेती के तरीकों से आगे बढ़ते हुए  कचलामे ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपने कृषक जीवन का हिस्सा बनाया है, जिससे न केवल उनके खेत लहलहा उठे हैं, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी अभूतपूर्व सुधार हुआ है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में  गणेश कचलामे ने अपने खेतों में पारंपरिक खादों की जगह नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग करना शुरू किया। नैनो उर्वरकों के छिड़काव के बाद उन्होंने पाया कि धान की फसल की सेहत में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। फसल पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई और उत्पादन में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। अपनी इस सफलता से उत्साहित होकर   ने जिले के अन्य किसान भाइयों से भी अपील की है कि वे लहलहाती फसल और बेहतर उत्पादन के लिए नैनो उर्वरकों को जरूर अपनाएं, क्योंकि यह न केवल असरदार है बल्कि भविष्य की खेती के लिए बेहद जरूरी भी है।  कचलामे का मानना है कि शासन की किसान-हितैषी योजनाओं ने उनके जीवन को एक नई आर्थिक संबलता प्रदान की है। मुख्यमंत्री  देव साय के किसान हितैषी कृषक उन्नति योजना के तहत धान का बेहतरीन मूल्य मिलने से उन्हें सीधा आर्थिक लाभ पहुँचा। धान बेचकर जो मुनाफा प्राप्त हुआ, उसे उन्होंने व्यर्थ खर्च करने के बजाय अपनी खेती के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में लगाया। अपनी बढ़ी हुई आय का सदुपयोग करते हुए  ने दो महत्वपूर्ण कार्य किए, जो उनकी दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। उन्होंने कृषि कार्य को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने और पानी की निर्भरता को खत्म करने के लिए उन्होंने अपने खेत में बोरवेल का खनन कराया। इससे अब वे मौसम की अनिश्चितता से बचकर पूरे वर्ष बेहतर खेती कर सकेंगे। उन्होंने खेत तक आने-जाने और घरेलू कार्यों को सुगमता से निपटाने के लिए एक इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदी है। यह कदम न केवल उनके समय की बचत कर रहा है, बल्कि पेट्रोल के बढ़ते खर्चों को कम कर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है।

अपनी इस सफलता और जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से श्री गणेश कचलामे बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने अपनी इस तरक्की का श्रेय राज्य शासन की कल्याणकारी नीतियों को देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है। आज  गणेश कचलामे केवल लोहारटोला के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे बालोद जिले और राज्य के उन सभी किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं, जो आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने जीवन को संवारना चाहते हैं।