फर्जी माइनिंग अधिकारी बनकर वसूली करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, डोंगरगांव पुलिस की त्वरित कार्रवाई

त्वरित खबरें- राहुल ओझा राजनंदगांव ब्यूरो प्रमुख

डोंगरगांव / डोंगरगांव पुलिस ने खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताकर ट्रांसपोर्टर से अवैध वसूली करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी रामसिंह राजपूत निवासी ग्राम दर्री ने थाना डोंगरगांव में शिकायत दर्ज कराई कि वह ट्रांसपोर्टिंग एवं जेसीबी कार्य का व्यवसाय करता है। ग्राम आमगांव में खेत मरम्मत और मिट्टी समतलीकरण का कार्य चल रहा था, तभी स्विफ्ट कार क्रमांक CG 04 PN 1413 में सवार तीन लोग मौके पर पहुंचे।


आरोपियों की पहचान रवि शर्मा, रेहाना बेगम और शेख अरमान के रूप में हुई है। तीनों ने स्वयं को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताते हुए प्रार्थी और उसके ड्राइवर को अवैध खनन का आरोप लगाकर डराया-धमकाया। कार्रवाई और बदनाम करने की धमकी देकर आरोपियों ने 10 हजार रुपये की मांग की। भय के कारण प्रार्थी ने आरोपियों के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन माध्यम से 6 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।


घटना की सूचना मिलते ही कुमरदा पेट्रोल पंप के पास डोंगरगांव पुलिस ने घेराबंदी कर स्विफ्ट कार सहित तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान रेहाना बेगम ने स्वयं को पत्रकार बताया।


प्रार्थी की शिकायत पर थाना डोंगरगांव में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 204, 308(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।


इस कार्रवाई में प्रशिक्षु आईपीएस आदित्य कुमार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उप निरीक्षक पुष्पराज साहू, सहायक उप निरीक्षक अनिल यादव सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


राजनांदगांव पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को शासकीय अधिकारी बताकर अवैध वसूली या धमकी देता है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें।