ज़रूरत से ज़्यादा लौंग, इलायची, सौंफ आदि खाते हैं तो इस आदत में बदलाव लाएं

त्वरित ख़बरें -किसी भी चीज़ की अधिकता नुकसानदायक या फायदेमंद हो सकती हैं

  • सौंफ, लौंग और इलायची ये तीनों ही मीठे या नमकीन व्यंजनों में मसाले के रूप में, औषधि के रूप में या फिर मुखवास के रूप में खाने के बाद इस्तेमाल किए जाते हैं, इन तीनों का सेवन फ़ायदेमंद है, लेकिन ज़्यादा मात्रा में इन्हें खाना भी हानिकारक है...

अति सर्वत्र वर्जयेत अर्थात् किसी भी चीज़ की अधिकता नुकसानदायक हो सकती है। फिर चाहे उसे कितना भी फायदेमंद क्यों ना बताया जाता हो। मुखशुद्धि की वस्तुएं भी इसी सूची का हिस्सा हैं।

सौंफ

कब और कितनी फ़ायदेमंद — सही मात्रा में रोज़ाना सौंफ का सेवन अच्छा है। रोज़ाना 5 ग्राम सौंफ के सेवन से सांस की बदबू दूर होती है, पाचन तन्त्र बेहतर होता है। इसके सेवन से ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने, अस्थमा एवं सांस की अन्य बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है, त्वचा की रंगत में सुधार आता है, खून साफ़ होता है और कैंसर से बचाव में भी इसे कारगर पाया गया है। लेकिन इसे प्राकृतिक रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए यानी विशुद्ध सौंफ ही खाई जाए, शक्करमंडित रूप में नहीं। कब नुकसानदायक — ज़्यादा मात्रा में सेवन करने पर यह फोटोटॉक्सिक अवयव की तरह काम करती है। सौंफ की तासीर ठंडी होती है इसलिए अस्थमा के रोगियों को भी सीमित मात्रा में खाना चाहिए। इसके अलावा ज्यादा सौंफ खाने से त्वचा संबंधी रोग, एलर्जी या पेट दर्द की समस्या भी हो सकती है।

इलायची

कब और कितनी फ़ायदेमंद — इलायची एक उपयोगी मसाला है। दिन में दो या तीन इलायची खाना चाहिए। यह एंटीऑक्सीडेन्ट और डाइयूरेटिक गुणों से भरपूर है अर्थात् शरीर से अतिरिक्त पानी, नमक, अपशिष्ट तत्वों को यूरिन के माध्यम से निकालने में मदद करती है। यह ब्लड प्रेशर कम करने, कैंसर से बचाव तथा समय के साथ गंभीर होने वाले रोगों (क्रोनिक डिसीज) से बचाव में कारगर है। एंटी-इन्फ्लैमेटरी प्रभावों के कारण यह पाचन की समस्याओं, अल्सर से बचाव तथा सांस की बदबू को दूर करके, दांतों में कैविटी से भी बचाव करने में मददगार है। कब नुकसानदायक — ज़्यादा मात्रा में इलायची का सेवन हानिकारक हो सकता है। इससे लिवर की समस्याएं, भूख ना लगना, सर्जरी के बाद मतली या उल्टी, मुंह सूखना और गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए दिन में एक छोटा चम्मच इलायची के दानों या 2 या 3 इलायची से ज़्यादा नहीं खाना चाहिए।

लौंग

कब और कितनी फ़ायदेमंद — लौंग एक अच्छा मसाला है, रोज़ाना 2-3 लौंग का सेवन सेहत के लिए अच्छा है। लौंग पाचन एंज़ाइमों के स्राव को बढ़ाती है, जो कब्ज़ और अपच जैसे पाचन संबंधी विकारों को रोकती है। लौंग फाइबर से भरपूर होती है, इसीलिए पाचन के लिए अच्छी होती है। इसके अलावा डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए लौंग खाना फ़ायदेमंद है। कब नुकसानदायक — ज़्यादा मात्रा में लौंग का सेवन हाइपोग्लाइसेमिया का कारण बन सकता है। लौंग के तेल का सेवन ना करें। लौंग के असेन्शियल ऑयल में युजेनॉल की मात्रा शुद्ध लौंग की तुलना में बहुत अधिक होती है। लौंग के शुद्ध तेल का सेवन टॉक्सिक हो सकता है और इससे व्यक्ति बेसुध हो सकता है। इसे असेन्शियल ऑयल टॉक्सिसिटी कहा जाता है। रोज़ाना 2-3 लौंग का सेवन सेहत के लिए अच्छा है लेकिन कॉन्सन्ट्रेटेड रूप में इसका सेवन न करें।