कबीरधाम, 29 दिसंबर 2021.
जन स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता में रखकर जिले में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिसमें चर्म रोग की रोकथाम को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। इस दिशा में गंभीरता पूर्वक कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जिले के शहरी क्षेत्र के सभी 27 वार्डों में 35 अलग-अलग स्वास्थ्य दल बनाकर चर्म रोग खोज अभियान चलाया गया। इस दौरान टीम द्वारा घर-घर भ्रमण कर चर्म रोग की पहचान करते हुए कुष्ठ के सम्भावित मरीजों की खोज की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.शैलेन्द्र कुमार मंडल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में लोगों को चर्म व कुष्ठ रोग के बारे में जागरूक भी किया गया। इस सम्बंध में सीएमएचओ डॉ. मंडल ने बताया, "लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना स्वास्थ्य विभाग की पहली प्राथमिकता है। मरीजों की राहत के लिए अस्पतालों की सुविधाओं में भी लगातार विस्तार किए जा रहे हैं। चर्म रोग पीड़ित की पहचान करने हेतु जिले के शहरी क्षेत्र में 3,088 घरों का सर्वे किया गया। इसमें 14,657 लोगों की जांच की गई, जिसमें से 22 लोग कुष्ठ के सम्भावित मरीज पाए गए व 2 लोगों में एमबी की पुष्टि की गई है। इस सर्वे को फिलहाल कवर्धा शहरी क्षेत्र में ही चलाया गया है और इसकी सफलता को देखते हुए आगामी समय में इस तरह का सर्वे सम्पूर्ण जिले में करवाया जाएगा।" उन्होंने कहा, "किसी भी बीमारी से घबराने या छुपाने के बजाए तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क करके उसका उपचार करवाना उचित होता है, क्योंकि जितनी जल्दी बीमारी पकड़ में आती है उतनी जल्दी उपचार करके उसको ठीक किया जा सकता है।"
कुष्ठ के यह हो सकते हैं लक्षण
कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ.बीएल राज ने कुष्ठ के लक्षण के बारे में बात करते हुए बताया, "त्वचा पर उभार होना, हाथों, बांहों, पैरों और पैर के तलवों में सुन्नता का अनुभव होना,नाक से लगातार अथवा बार-बार खून निकलना और नाक से पानी बहना, शरीर पर ऐसे घाव होना जिसे छूने पर दर्द का अनुभव ना हो, शरीर के घाव का कई हफ्तों और महीनों तक ठीक ना होना, पैरों के तलवों में अल्सर होना, त्वचा मोटी, कठोर और शुष्क होना तथा आंख में परेशानी और उसके कारण विजन सम्बन्धी समस्या होना कुष्ठ रोग के लक्षण हो सकते हैं।" इस तरह को लक्षण प्रतीत होने पर उन्होंने तत्काल चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार करवाने की अपील की है।
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