प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में सर्वे के लिए नई प्रक्रिया लागू, सभी पात्र परिवारों का होगा समावेश
आवास प्लस’ ऐप के माध्यम से किया जा रहा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों का सर्वे
बेमेतरा 19 जनवरी 2025:- भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को आगामी 5 वर्षों (वर्ष 2024-25 से 2028-29) तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में आवास की पात्रता रखने वाले सभी परिवारों का नाम ‘आवास प्लस सूची’ में शामिल किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार, जिलों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी पात्र परिवारों का सर्वे ‘आवास प्लस’ ऐप के माध्यम से किया जा रहा है।
सर्वे के लिए प्रगणक का पंजीकरण अनिवार्य
सर्वे कार्य की सफलता के लिए आवास प्लस ऐप का इस्तेमाल आवश्यक कर दिया गया है, और प्रगणक का पंजीकरण ‘आवास प्लस पोर्टल’ पर अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रक्रिया में ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक एवं आवास मित्र को प्रगणक के रूप में नियुक्त किया गया है। यह सुनिश्चित किया गया है कि पात्र परिवार सर्वे से वंचित न रहें। यदि किसी कारणवश कोई पात्र परिवार छूट जाता है, तो हितग्राही ग्राम पंचायत के सचिव से संपर्क कर अपना सर्वे करा सकते हैं।
पात्र परिवार स्वयं कर सकते हैं जानकारी अपलोड
पात्र परिवार अपनी जानकारी स्वयं आवास प्लस ऐप के माध्यम से भी अपलोड कर सकते हैं। यह सुविधा उन परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो अपने सर्वे के लिए स्थानीय अधिकारियों तक पहुंचने में असमर्थ होते हैं। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत के सचिव, आवास मित्र या रोजगार सहायक से संपर्क किया जा सकता है।
सर्वे में शामिल नहीं होंगे ये परिवार
भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन के लिए संशोधित मापदण्ड भी जारी किए गए हैं, जिनके तहत कुछ विशेष परिवारों को योजना से बाहर रखा गया है। इन मापदण्डों के अनुसार, निम्नलिखित परिवार योजना के लिए पात्र नहीं होंग इनमे जिनके पास मोटरयुक्त तिपहिया या चौपहिया वाहन हो।मशीनीकृत कृषि उपकरण रखने वाले परिवार। जिनके पास रु. 50,000 या इससे अधिक ऋण सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड हो। जिनका कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो। जिनके पास सरकार द्वारा पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम हो। जिनके परिवार का कोई सदस्य रु. 15,000 या उससे अधिक प्रति माह कमा रहा हो | आयकर देने वाले परिवार। व्यवसाय कर देने वाले परिवार। जिनके पास 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि हो। जिनके पास 5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि हो आदि शामिल हैं ।
यह सर्वे कार्य पूरी तरह निःशुल्क है और प्रगणकों द्वारा किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति सर्वे के दौरान या किसी अन्य स्तर पर किसी भी प्रकार की राशि की मांग करता है, तो हितग्राही तुरंत संबंधित जनपद पंचायत या जिला पंचायत में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र परिवारों को सुनिश्चित करने का यह एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जिससे ग्रामीण भारत के नागरिकों को बेहतर आवास सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।
समा.क्र.1612
सीईओ ने किया जनपद पंचायत नवागढ़ के ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति का निरीक्षण
बेमेतरा 19 जनवरी 2025:- मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री टेकचंद अग्रवाल द्वारा आज जनपद पंचायत नवागढ़ के ग्राम पंचायत रामपुरा, पुटपुरा, बेवरा बुंदेला में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान उन्होंने लाभार्थियों से मुलाकात की और आवास निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी ली।श्री अग्रवाल ने सभी नवीन स्वीकृत आवासों के हितग्राहियों को निर्देशित किया कि वे 15 मार्च से पहले अपने आवासों का निर्माण कार्य पूरा करें। राज्य स्तर पर पांच लाख आवासों का एक साथ गृह प्रवेश कराने की योजना के तहत सभी आवास मित्रों को भी निर्देशित किया गया कि 15 मार्च तक सभी प्रथम किस्त जारी किए गए आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए। निरीक्षण के दौरान, मनरेगा से संबंधित मजदूरी राशि के वितरण पर भी चर्चा की गई। रोजगार सहायक से कहा गया कि जिन आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है, उनमें मनरेगा की मजदूरी राशि समय पर जारी की जाए। जिन आवासों में मनरेगा का मस्टरोल जारी नहीं किया गया है, उनके लिए रोजगार सहायक को चेतावनी दी गई कि मस्टरोल के कारण किसी भी आवास का कार्य लंबित न रहे, अन्यथा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही, जिन हितग्राहियों ने अभी तक अपने आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किए हैं, उनके खातों की जांच करते हुए प्रथम किस्त की राशि का दुरुपयोग रोकने के लिए उनके खातों को होल्ड करने के निर्देश भी दिए गए। यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी हितग्राही आवास निर्माण की राशि का गलत उपयोग न कर सके। मुख्यकार्यपालन अधिकारी द्वारा किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य योजना की प्रभावी क्रियान्वयन और समय पर आवास निर्माण सुनिश्चित करना था, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शीघ्रता से आवास का लाभ मिल सके।

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