आर्थिक संकट से घिरी एडटेक कंपनी BYJU’S ने छंटनी शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि कंपनी ने फोन कॉल्स के जरिये कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है. न तो प्रदर्शन के आधार पर उनका मूल्यांकन हो रहा है और न ही कंपनी उन्हें नोटिस पीरियड पूरा करने दे रही है. कंपनी इस चरण में 100-500 कर्मचारियों को निकाल चुकी है. पिछले 2 सालों में उसने 10,000 कर्मचारियों को निकाला है. हाल-फिलहाल में ये पहली दफा नहीं है, जब बायजूस में इस तरह की कोई घटना हुई हो. पिछले महीने की शुरुआत में इस ऑनलाइन एडटेक कंपनी ने अपने 20 से ज्यादा रीजनल ऑफिस को बंद कर दिया था. ये दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई और अन्य शहरों मे खुले हुए थे.

मनीकंट्रोल से बात करते हुए BYJU’S के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है. प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी ने अक्टूबर, 2023 में पुनर्गठन प्रक्रिया शुरू की थी और यह अपने अंतिम चरण है. इसका मकसद संचालन को आसान बनाना और लागत कम करना है. उन्होंने आगे कहा कि कानूनी प्रक्रिया के चलते कंपनी मुश्किल दौर से गुजर रही है और कर्मचारियों पर भारी दबाव है. बता दें, बीते महीनों में कई निवेशकों ने कंपनी की रेटिंग कम की है.
क्यों मुश्किलों में घिरी है BYJU’S?
पिछले साल ED ने कंपनी के संस्थापक बायजू रवींद्रन और कंपनी के बेंगलुरु स्थित परिसरों में तलाशी ली थी. तब एजेंसी ने दावा किया था कि उसे विदेशी फंडिंग से संबंधित कानूनों के उल्लंघन से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले हैं. ED ने कहा था कि BYJU’S ने वित्त वर्ष 2020-21 से अपने वित्तीय विवरण तैयार नहीं किए हैं और खातों का अनिवार्य ऑडिट भी नहीं करवाया है. रवींद्रन के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी हो चुका है.

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