डोंगरगढ़- डोंगरगढ़ विकासखंड के अंतर्गत शिक्षा विभाग में कई तरह के अनियमित्ताऐं देखने को प्रायः मिलती रहती हैं। जैसे बिना विभागीय अवकाश स्वीकृति के शिक्षकों द्वारा महिनों अपने कार्य पर उपस्थित न रहना। मध्यान भोजन से संबंधित अनियमित्ताऐं विभागीय वृत्तीय भ्रष्टाचार एवं जांच के नाम पर खाना पूर्ति करने की अनियमित्ताऐं यह तो विध्यार्थीयों एवं उनके पालकों की सहनीय पीड़ा थी जो अमुमान सामान्य तौर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मध्य देखी जाती है। एक तरफ केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ धरातल पर चल रही है दूसरी ओर बेटियां जब इंसाफ मांगने अधिकारियों की चौखट पर दर-दर भटकती हैं तो उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है विभाग के ही कुछ कर्मचारी अधिकारी ही सरकार के इस बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का बंटाधार करने में लगे हुए हैं ताजा मामला डोंगरगढ़ विकासखंड के अंतर्गत ग्राम आलीवारा का बताया जा रहा है सूत्रों के अनुसार आलीवारा गांव के स्कूली विद्यार्थीयों द्वारा 11 वीं व 12 वीं कक्षा में शिक्षकों की मांग को लेकर जिले के कलेक्टर साहब के यहां अपनी फरियाद लेकर जाया जाता है कलेक्टर महोदय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर समाधान निकालने हेतु विद्यार्थियों को D.E.O साहब के यहां भेजा जाता है जब विद्यार्थी जिले के शिक्षा अधिकारी साहब के यहां अपनी फरियाद लेकर जाते हैं तो पीड़ित विद्यार्थियों के कथन अनुसार DEO साहब द्वारा स्कूली विद्यार्थियों को धमकी दिया जाता है जेल भेजवाने की, विद्यार्थियों से पूछा जाता है कि आवेदन किसने लिखना सिखाया? जबकि जिले के DEO साहब को यह ज्ञात होना चाहिए की विद्यार्थी उन्हीं के जिले के विद्यार्थी हैं जिन्हें उन्हीं के मार्तहत शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने हि आलीवारा स्कूल में ही अपनी पिडाओं को आवेदन में लिखना पढ़ना सिखाया है। अपनी मूलभूत अधिकारों के मांग हेतु वरिष्ठ अधिकारियों के यहां विद्यार्थियों का जाना DEO साहब को इतना ना गवार गुजर की उन्होंने मासूम बच्चे-बच्चियों को जेल भिजवाने तक की धमकियां देकर बाहर भेजवा दिया डरे-सहमे स्कूली छात्र-छात्राओं ने रोते बिलखते समाज एवं मीडिया में अपनी पीड़ाओं को व्यक्त किया। देखने वाली बात यह है कि अहिवारा गांव के स्कुली विध्यार्थीयों की आवाज शासन तक जाती है या नहीं 11वीं व 12वीं कक्षा में शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र-छात्राओं के भविष्य में जो ग्रहण दिखाई दे रहा हैं शिक्षकों की नियुक्ति करके शिक्षा विभाग द्वारा उस ग्रहण को हटया जाता है या नहीं।
त्वरित खबरें निशा विश्वास ब्यूरो प्रमुख रिर्पोटिंग

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