अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में कोर्ट के आदेश के बाद 2 महिलाएं पिछले 10 सालों से मुआवजा की राशि पाने अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रही है. मामला सरगुजा जिले के लखनपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पोंडी का है. दरअसल, 2014 में दोनों महिला परमेश्वरी और ललिता के पति की मजदूरी करने के दौरान बिजली खंभा ले जाते वक्त ग्राम केनापारा माझापारा के पास ट्रैक्टर पलट गया. ट्रैक्टर दुर्घटना में दोनों की मौत हो गई. वहीं 2016 में न्यायलय ने ट्रैक्टर मालिक को आरोपी मानते हुए तहसीलदार लखनपुर को निर्देशित किया था कि दोनों महिलाओं को 11 लाख 80 हजार रुपये मुआवजा राशि का भुगतान ट्रैक्टर मालिक की संपत्ति से कराई जाए.10 साल बीत जाने के बाद भी दोनों महिलाएं मुआवजा की राशि पाने दर-दर भटक रही है. महिलाओं का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा ट्रैक्टर मालिक से मिलीभगत कर मुआवजा राशि के भुगतान के लिए परेशान किया जा रहा है. परेशान दोनों महिलाएंअंबिकापुरकलेक्टर कार्यालय पहुंची और जनदर्शन में कलेक्टर से मुआवजा राशि भुगतान के लिए फरियाद लगाई है. पीड़ित महिला के शिकायत के बाद अधिकारियों ने जल्द मुआवजा राशि दिलाने का आश्वासन दिया है. अब देखना होगा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी अधिकारी कब तक पीड़ित महिलाओं को मुआवजा राशि का भुगतान करा पाते है या ये महिलाएं ऐसे ही अधिकारियों के दफ्तरों के चककर लगाते रहेंगे.10 सालों से मुआवजा की राशि के लिए परमेश्वरी और ललिता दफ्तरों के चक्कर लगाने से परेशान होकर जनदर्शन पहुंची. जनदर्शन में सालों से लंबित मुआवजा राशि दिलाने अपर कलेक्टर से पीड़ित महिलाओं ने फरियाद लगाई. शिकायत के बाद अपर कलेक्टर सुनील नायक ने कहा कि संबंधित अधिकारी से रिपोर्ट मंगाई जाएगी और जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी.
Facebook Conversations