पंडित शिव कुमार शास्त्री कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र सुरगी में फसल अवशेष प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न
त्वरित खबरें - खुमेंद्र कुमार निषाद

राजनांदगांव । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के 38वां स्थापना दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् रायपुर एवं फार्मर्स फस्र्ट परियोजना, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में फसल अवशेष प्रबंधन एवं संसाधन उपयोग क्षमता बढ़ाने हेतु संरक्षित कृषि विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन पंडित शिव कुमार शास्त्री कृषि महाविद्यालय एवं अनुसन्धान केंद्र सुरगी राजनांदगांव में हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव  सचिन सिंह बघेल ने कृषक को फसल अवशेष प्रबंधन पर रासायनिक उर्वरकों का कम उपयोग कर जैविक खाद का अधिकतम उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण कृषि करने पर जोर दिया। साथ ही फसल चक्रण के महत्व पर प्रकाश डाला। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व उपाध्यक्ष कृषि उपज मंडी  कोमल सिंह राजपूत ने फसल अवशेष प्रबंधन की परम्परागत कृषि विधियों को आधुनिक कृषि के परिदृश्य में बढ़ावा देने की बात कही।

अधिष्ठाता पंडित शिव कुमार शास्त्री कृषि महाविद्यालय डॉ. जया लक्ष्मी गांगुली ने विश्वविद्यालय की स्थापना दिवस की बधाई देते हुए फसलों में अवशेष प्रबंधन एवं फसलों पर जैविक कीट नियंत्रण की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित वैज्ञानिक छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने फसल अवशेष प्रबंधन एवं संसाधन उपयोग क्षमता बढ़ाने हेतु संरक्षित कृषि के लिए कृषक बंधुओं एवं छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया। साथ ही कृषि विषयों के शोधार्थियों एवं कृषि वैज्ञानिकों को मौसम पूर्वानुमान से सम्बंधित अन्वेषण की ओर अपनी खोज को करने हेतु प्रेरित किया। सरपंच ग्राम पंचायत सुरगी  आनंद साहू ने जैविक खाद के उपयोग पर जोर दिया। कार्यक्रम समन्वयक एवं परियोजना के प्रभारी प्राध्यापक डॉ. विनम्रता जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। कृषि कर्मचारी संघ द्वारा मुख्य अतिथि के कर कमलों से इस वर्ष के पंचांग का विमोचन किया गया। एक दिवसीय सेमिनार का तकनीकी सत्र प्रारंभ हुआ। जिसमे फसल अवशेष प्रबंधन के विभिन्न विषयों पर व्याख्यान हुए। जिसका कृषकों एवं छात्र-छात्रों ने लाभ लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. आरएन गांगुली, डॉ. ललित रामटेके, डॉ. मनोज चंद्राकर, डॉ. अभय बिसेन, डॉ. पूजा साहू, डॉ. अतुल डांगे, डॉ. डिकेश्वर निषाद , डॉ. रोमिला खेस, डॉ. प्रदीप पटेल, डॉ. उषा यादव एवं समस्त कर्मचारीगण एवं वृहद् संख्या में कृषक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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