आधार कार्ड के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई, पहचान तक सीमित रखने की मांग
त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

नई दिल्ली। आधार कार्ड के उपयोग के दायरे को लेकर आज Supreme Court of India में महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। दायर याचिका में मांग की गई है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल केवल पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) के रूप में किया जाए और इसे जन्मतिथि तथा पते के प्रमाण के तौर पर स्वीकार न किया जाए।

याचिकाकर्ता का तर्क है कि आधार जारी करने वाली संस्था Unique Identification Authority of India स्वयं स्पष्ट कर चुकी है कि आधार मुख्य रूप से व्यक्ति की पहचान सत्यापित करने का माध्यम है। याचिका में कहा गया है कि आधार बनवाते समय दर्ज की गई जन्मतिथि और पते की जानकारी कई मामलों में स्वयं-घोषित (सेल्फ-डिक्लेयर) होती है, इसलिए इसे हर स्थिति में अंतिम और प्रमाणिक दस्तावेज नहीं माना जा सकता।

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि वर्तमान में कई सरकारी और निजी संस्थान आधार कार्ड को पहचान पत्र के साथ-साथ पते और जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में भी स्वीकार कर रहे हैं। इससे दस्तावेजों की विश्वसनीयता और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

सुनवाई के दौरान अदालत इस बात पर विचार कर सकती है कि आधार कार्ड के उपयोग की सीमा क्या होनी चाहिए और विभिन्न संस्थानों द्वारा इसे किस उद्देश्य से स्वीकार किया जाना उचित है। मामले में केंद्र सरकार और Unique Identification Authority of India से भी जवाब मांगा जा सकता है।

गौरतलब है कि देश में आधार कार्ड बैंक खाते खोलने, मोबाइल सिम लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और कई अन्य सेवाओं के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, समय-समय पर इसकी वैधता, गोपनीयता और उपयोग के दायरे को लेकर कानूनी बहस होती रही है।

अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, क्योंकि इस मामले में आने वाला फैसला आधार कार्ड के इस्तेमाल से जुड़े मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं पर व्यापक असर डाल सकता है।

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