नकटी। नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद कई परिवारों की रात खुले आसमान के नीचे गुजरी। प्रभावित लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने सुबह करीब 4 बजे बिजली आपूर्ति बंद कर दी और इसके बाद बुलडोजर चलाकर उनके मकान तोड़ दिए। अचानक हुई कार्रवाई से परिवारों को अपना सामान तक समेटने का पर्याप्त समय नहीं मिला।
विस्थापितों का कहना है कि कार्रवाई के बाद उनके सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित कई परिवारों ने पूरी रात खुले आसमान के नीचे बिताई। उनका आरोप है कि प्रशासन ने मानवीय पहलुओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
प्रभावित ग्रामीणों ने स्थानीय सांसद पर भी नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पहले आश्वासन दिया था कि लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी, लेकिन कार्रवाई के दौरान कोई राहत नहीं मिली। कुछ ग्रामीणों ने सांसद के बयानों को लेकर भी सवाल उठाए और उन्हें भ्रामक बताया।
वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की गई और संबंधित लोगों को पहले से नोटिस जारी किए गए थे। प्रशासन के अनुसार सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया कानून के तहत पूरी की गई है।
इधर, गांव में कार्रवाई के बाद तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रभावित परिवार पुनर्वास और मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी मामले में मानवीय आधार पर समाधान निकालने की मांग की है।

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