भिलाई। गौसिया मस्जिद कैम्प-1 में बीती रात उर्स-ए-औलिया-ए-किराम में बड़ी तादाद में अकीदतमंद जुटे। इस दौरान मेहमान-ए-खुसूसी आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा ख़ान के पौत्र सूफ़ी धर्मगुरु मौलाना हम्माद रजा खां थे। हजरत सिब्तैन रजा (एचएसआर) वेलफेयर सोसाइटी की ओर से रात में बाद नमाज-ए-ईशा हुए इस आयोजन में शुरुआत इमाम गुलाम रसूल खां की तिलावते कुरआन से हुई।
इस दौरान नात शरीफ भी पेश की गई। ऑल इंडिया रज़वी सिब्तैन नेटवर्क मरकज-ए-अहले सुन्नत (बरेली शरीफ) के सदर हम्माद रजा खां ने अपनी तकरीर में वलियो से मुहब्बत और अमन का पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि हमारा हिंदुस्तान एक खूबसूरत गुलदस्ते की मानिंद है, जिसमें हर किस्म के फूल महकते हैं और सभी को मिलजुल कर रहना है। उन्होंने अल्लाह के वलियों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे की गई मुहब्बत सिर्फ दुनिया ही नहीं बल्कि आखिरत में मैदाने हश्र में भी काम आने वाली है।

उन्होंने कहा कि आला हज़रत इमाम अहमद रजा खान के मानने वाले बरेलवी लोग हमेशा ख्वाजा गरीब नवाज की चौखट के वफादार रहे हैं और इंशा अल्लाह उस दरबारे पाक के लिए हमेशा हाज़िर रहेंगे। उन्होंने कहा कि मुल्क की हर दरगाह और खानकाह हमारी विरासत का हिस्सा है। आखिर में दुआए खैर की गई।
उर्स में लंगर का इंतजाम भी किया गया था,जिसमें सभी धर्म-मजहब के लोगों ने हजारों की तादाद में हिस्सा लिया। इस उर्स को कामयाब बनाने में हजरत सिब्तैन रजा (एचएसआर) वेलफेयर सोसाइटी के सदर-मिर्जा अनवर बेग, सेक्रेटरी-मो. जफर खान, खजांची-मो. अरमान खान, सदस्य हाजी कमरूद्दीन , इशरत खान, मोईनुद्दीन खान, फरहान खान, अफजल कुरैशी, आजाद खान, दिलशाद खान, आबिद कुरैशी, सद्दाम कुरैशी, इमरान खान, शमीम अंसारी, फैज खान, मिर्जा मोईन बेग, मिर्जा शहीम, मिर्जा तौसिफ बेग, मिर्जा फहीम बेग, इस्लाम कुरैशी, इजहार अली, वकील खान, शेर मोहम्मद खान, सुलेमान खान, मो. फैज अली, नबी कुरैशी, सगीर कुरैशी, शादाब खान, अमन कुरैशी, अनस कुरैशी, फिरोज अंसारी, इकराम अली, शौकत अली, महताब खान, शहजाद खान, अफजल मंसूरी, मेराज सिद्दीकी, शराफत खान, मिर्जा कामरान बेग, इजहार खान, जुबेर खान, सलमान खान, राजिक खान और कैफ खान सहित अन्य लोगों का योगदान रहा।

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