1 जुलाई 2026 से प्रदेश में नई बिजली टैरिफ दरें लागू होने जा रही हैं, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं की मासिक बिजली लागत बढ़ जाएगी। नई दरों का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा, जिनकी मासिक खपत 200 यूनिट से अधिक है। बिजली नियामक आयोग की ओर से जारी नई दरों के अनुसार, 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को हर महीने लगभग ₹67 अतिरिक्त चुकाने होंगे, जबकि 400 यूनिट तक खपत करने वालों का मासिक बिल करीब ₹178 तक बढ़ सकता है।
बिजली कंपनियों का कहना है कि उत्पादन लागत, कोयले और ईंधन की कीमतों में वृद्धि, ट्रांसमिशन एवं रखरखाव खर्च बढ़ने के कारण टैरिफ में संशोधन आवश्यक हो गया था। नई दरें लागू होने के बाद घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बढ़ती बिजली दरों का असर मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक बजट पर साफ दिखाई देगा। गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर, कूलर, फ्रिज और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक इस्तेमाल के कारण बिजली खपत बढ़ जाती है, ऐसे में उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में ज्यादा बिल चुकाना पड़ सकता है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे बिजली की खपत कम करने के लिए ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करें, अनावश्यक लाइट और पंखे बंद रखें तथा एलईडी बल्ब और स्टार रेटिंग वाले उपकरणों को प्राथमिकता दें। इससे बढ़े हुए बिजली बिल के असर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
नई टैरिफ दरें 1 जुलाई से लागू होंगी और इसका असर अगले बिलिंग चक्र से दिखाई देने लगेगा। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए यह जानना जरूरी है कि उनकी मासिक बिजली खपत कितनी है और नई दरों के अनुसार उन्हें कितना अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।

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