यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और युद्ध प्रभावित यूक्रेन के खारकीव शहर में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत पर शोक जताया। मिशेल ने कहा कि यूरोपीय देश पूरी तन्मयता से यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा के लिए पूरे विश्व को एकजुट होना चाहिए।
यूक्रेन के पूर्वी इलाके में स्थित खारकीव में भारी गोलाबारी में कर्नाटक के हावेरी जिले के रहने वाले मेडिकल के छात्र नवीन शेखरप्पा ज्ञानगौदर की मौत हो गई। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां जारी जंग में यह पहला मामला है, जिसमें किसी भारतीय की मौत हुई है। मिशेल ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘निर्दोष नागरिकों के खिलाफ रूस के विवेकहीन हमले के कारण खारकीव में आज भारतीय छात्र की मौत पर मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर अपनी संवेदना प्रकट की।’’
यूरोपीय संघ के अधिकारी मिशेल ने कहा कि यूक्रेन पर हमले का उद्देश्य ‘‘बहुलतावाद को बर्बाद करना और लोगों को परेशान करना व दर्द देना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरे विश्व को अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा में निश्चित तौर पर एकजुट होना चाहिए।’’ नयी दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी भारतीय छात्र की मौत पर गहरा शोक जताया। प्रभारी राजदूत पैट्रिसिया ए लसिना ने कहा, ‘‘यूक्रेन के खारकीव में भारतीय छात्र की मौत पर बेहद दुखी हूं। हम भारत की जनता और उसके परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हैं।’’

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