बीसीसीआई सचिव जय शाह ने शुक्रवार को रणजी ट्रॉफी के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि इस साल टूर्नामेंट दो भागों में खेला जाएगा, जिसका पहला भाग फरवरी में खेला होगा, लेकिन BCCI द्वारा रणजी ट्रॉफी के ऐलान से पहले टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने बोर्ड पर निशाना साधते हुए रणजी ट्रॉफी की महत्ता पर जोर दिया था। इस पूरे प्रकरण को देखने से ऐसा लग रहा है कि रवि शास्त्री के पोस्ट ने कहीं ना कहीं बोर्ड पर घरेलू टूर्नामेंट कराने पर जोर दिया और जिसका परिणाम जय शाह के बयान द्वारा आया।
शास्त्री ने उठाए थे बोर्ड पर सवाल
दरअसल, रणजी ट्रॉफी को स्थगित किए जाने के बाद BCCI ये तय नहीं कर पा रहा था कि देश के सबसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट का आयोजन कब किया जाए। इसको लेकर टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने भी ट्वीट कर चिंता जाहिर की थी। शास्त्री ने लिखा था- रणजी ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट की बैकबोन है। जिस समय आप इसकी अनदेखी करना शुरू करते हैं उसी समय हमारा क्रिकेट रीढ़ विहीन हो जाता है।
सामने आया जय शाह का बयान
ANI से बात करते हुए जय शाह ने कहा- बोर्ड ने इस सीजन में दो भागों में रणजी ट्रॉफी आयोजित करने का फैसला किया है। पहले चरण में, हम लीग चरण के सभी मैचों को पूरा करने की योजना बना रहे हैं, जबकि नॉकआउट जून में होंगे।
उन्होंने आगे कहा- मेरी टीम इस योजना पर काम कर रही है। हम यह भी देख रहे हैं कि इस योजना से कोरोना के कारण खड़ी हुई परेशानियों को किस प्रकार कम किया जाए। हम पूरी कोशिश करेंगे कि इस बार हम रणजी के एक शानदार सीजन की मेजबानी करें। रणजी ट्रॉफी हमारी सबसे प्रतिष्ठित घरेलू प्रतियोगिता है। इससे भारतीय क्रिकेट को नए-नए टैलेंटेड क्रिकेटर्स मिलते हैं।

Facebook Conversations