तीन साल बाद भरा व्यवसायिक नगरी में मेला : व्यापारियों ने लगाई दुकान, लोगों ने रात भर किया मनोरंजन
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दंतेवाड़ा २६ अप्रैल

छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के व्यावसायिक नगरी गीदम में 3 साल के बाद मेला भरा। करीब तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में जमकर रौनक रही। आखिरी दिन भी सैकड़ों की संख्या में लोग मेला स्थल पहुंचे और देर रात तक मनोरंजन करते रहे। शाम के समय हुई बारिश से दुकान लगाए व्यापारियों को काफी नुकसान हो गया। मेला के अंतिम दिन रात 7 से 11 बजे तक झूला झूलने और दुकानों दे खरीदारी करने शहर वासियों की भीड़ उमड़ पड़ी।

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दरअसल, 2 साल कोरोना और एक साल अन्य किसी वजह से गीदम का मेला नहीं भर पाया था। लेकिन, इस बार मेला का आयोजन किया गया। 23 अप्रैल से मेला शुरू हुआ। पहले दिन बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी का छत्र मेला में शामिल होने गीदम पहुंचा। दूसरे दिन करीब 100 से ज्यादा क्षेत्रीय देवी-देवताओं के देव विग्रह के साथ मां दंतेश्वरी के छत्र की नगर परिक्रमा करवाई गई। पूरा शहर आस्था में डूबा रहा। वहीं सोमवार को मेला का आखिरी दिन था। जिसमें सालों से चली आ रही परंपरा के साथ आराध्य देवी मां दंतेश्वरी और सभी देवी-देवताओं को विदाई देने की रस्म अदा की गई।

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2 दिनों तक थी रौनक

गीदम के पुराने बस स्टैंड के सामने सड़क किनारे ग्राउंड में मेला का आयोजन करवाया गया। यहीं पर तरह-तरह के झूले लगे थे। लोगों में दो दिनों तक खूब मनोरंजन किया, आकाश झूला, और ड्रैगन रेल के अलावा लोगों में डिस्को झूला का भरपूर आनंद उठाया। तीन साल बाद लगे इस मेला में लोगों की जमकर भीड़ देखने को मिली। 24 अप्रैल को जिले के अलग-अलग गांवों से हजारों ग्रामीण मेला में शामिल होने पहुंचे थे। पारंपरिक नाच-गान भी किया गया। वहीं दूसरे दिन शहर वासियों की भीड़ रही।

व्यापारी बोलेअच्छी व्यवस्था थी

मेला में नागपुर, बनारस समेत छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से भी व्यापारी पहुंचे थे। जो अपनी दुकान लगा कर विभिन्न तरह के सामान बेच रहे थे। नागपुर के रहने वाले दीपक ने लाइटिंग टॉयज की दुकान लगाई थी। व्यापारी ने बताया कि बस्तर में होने वाले मेला-मड़ई में अच्छी आमदनी होती है। 3 साल के बाद गीदम के मेला में आया हूं। कमाई हुई है। इधर, बनारस से पहुंचा एक व्यपारी खिलौने की दुकान लगाया था। इसने बताया कि, आखिरी दिन बारिश की वजह दे कमाई थोड़ी कम हुई। लेकिन इस मेला में व्यवस्था अच्छी थी। नगर पंचायत ने टैक्स नहीं लिया गया।


रात भर पुलिस ने की पेट्रोलिंग

इधर, मेला में उमड़ी लोगों की भीड़ को देखते हुए थाना के जवान भी ड्यूटी में तैनात रहे। 24 और 25 तारीख की रात भर जवान शहर में पेट्रोलिंग करते रहे। शहर में हुड़दंग या फिर कोई घटना न हो इसलिए जवान शहर के हर एक वार्ड में कभी पैदल तो कभी पेट्रोलिंग वाहन में घूमते रहे। मेला स्थल पर भी पुलिस ने नजर बनाए रखी थी।

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