भिलाई । जयंती स्टेडियम भिलाई में जीवन आनंद फाउंडेशन एवं श्री राम जन्मोत्सव समिति के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित श्री एकांतेश्वर शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में राजनांदगांव ज़िला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि घासी राम साहू, रुपेन्द्र साहू ,सहित बड़ी संख्या में राजनांदगांव जिले के भक्त जन शामिल हुए और भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था एवं भक्ति का विराट रूप दिखाया ।जयंती स्टेडियम में कथा आज दोपहर 2 बजे शुरू हुई लेकिन लोग यहां पहले से डेरा जमाए बैठे थे।
भिलाई की पावन धरा पर शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन हो रहा है विश्व प्रसिद्ध पंडित प्रदीप मिश्रा शिव महापुराण की कथा सुनाते हैं आज आयोजन के तीसरे दिन भव्य पूजा आरती की गई और हर-हर महादेव के जयकारे के साथ कथा शुरू की गई ,इस पावन अवसर पर राजनांदगांव जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि घासी राम साहू ,रूपेंद्र साहू सहित कथा स्थल पर पहुंचे जहां उन्होंने बाबा भोलेनाथ को प्रणाम किया और विश्व प्रसिद्ध है कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के दर्शन करते हुए उन्हें प्रणाम किया उसके बाद श्री एकांतेश्वर शिव महापुराण की कथा सुनी। इस दौरान लाखों की संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। राजनांदगांव जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि घासी राम साहू का कहना है कि हम सबके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है कि राजनांदगांव शहर के लोग भी भिलाई शहर में शिव महापुराण कथा सुनने बड़ी संख्या में लोग आए हुए हैं और छत्तीसगढ़ की भिलाई की पावन धरा पर पंडित प्रदीप मिश्रा का आगमन भी हम सबके लिए बहुत ही हर्ष की बात है उनके मुख से श्री कथा सुनने का अवसर भी सौभाग्य से प्राप्त हुआ है कथा को सुनने के लिए तीसरे दिन लाखों की संख्या में भक्तों का जमावाड़ा रहा।
विश्व विख्यात पंडित प्रदीप मिश्रा ने व्यासपीठ से कथा प्रसंग में कहा कि एक क्षण भी हमें अविरल भक्ति मिल रही है तो व्यर्थ नहीं जाने वाला है,संपूर्ण वैभव आप धन से खरीद सकते हैं, दुनिया की सारी चीजें आप पैसे से खरीद सकते हैं, आप वैभव भी खरीद सकते हैं लेकिन जो समय चला गया है उसको खरीदा नहीं जा सकता, जो समय आपका चला गया है उस समय को हम नहीं खरीद सकते। बचपन, अधेड़ी, बुढ़ापा किस अवस्था में आप चल रहे हैं उस समय की कीमत को समझो दुनिया में ऐसा कोई दौलत नहीं है जो समय को खरीद सके, इसलिए जो समय मिल जाए उस समय में भगवान को अपनी दुकान में ,घर में काम करते करते भजन करते रहे कुछ समय निकालकर श्री शिवाय नमस्तुभयम का जाप करते रहे। चलती दुकान में व्यापार में चलते चलते भजन करना चाहिए, भजन करो भरी जवानी बाद किसने देखा है।

नरक का गुणगान शिव महापुराण नहीं करता लेकिन सेवा करने अच्छा कर्म का फल यही और बुरे कर्म का फल यही भोगना पड़ेगा, शिवपुराण कर्म प्रधान है, उन्होंने आगे कहा कि जिनका संबंध अच्छा रहता है, जिनका संबंध महादेव से अच्छा है वह भिलाई कथा स्थल पहुंच गए, महादेव को आपने जो अपना समय दिया है निश्चित ही महादेव भी आपको समय देगा ,उन्होंने आगे कहा कि दुखी इंसान के चेहरे पर प्रसन्नता ला देने से भी महादेव प्रसन्न हो जाएंगे, किसी दूसरे के भरोसे भजन मत करें, दान नहीं करना चाहिए दूसरे से मांंग कर दान नहीं करना चाहिए ।संसार में ऐसी कोई मनुष्य नहीं है जिसमे गुण नहीं है, भगवान ने सभी को गुणवान बना कर भेजा है। पृथ्वी पर महादेव काम वाले को रखता है पंडित मिश्रा जी ने बेलपत्र के महत्व बताया और कहा कि बेलपत्र भगवान भोलेनाथ पर कुंद केश्वर महादेव के नाम से चढ़ा कर वापस खाने पर शुगर, थायराइड बीपी जैसे रोग कंट्रोल हो जाता है बीमारी हटने लगती है।
10 पुण्य इस मनुष्य को अपने जीवन में करने चाहिए जिसमें तीन पुण्य मनुष्य के शरीर से होता है जिसमें पहला है दान करना, रक्षा करना दूसरे के दुख तकलीफ में खड़ा होना, सुख दुख में शामिल होना ,तीसरा सेवा करना ,सेवा को प्रबल करना। मन के तीन पुण्य जिसमें पहला है दया ,दुख में दया जरूर करना चाहिए अपना फर्ज निभाना चाहिए ,दया कभी मत छोड़ना दूसरा लोभ का त्याग करना, तीसरा श्रद्धा रखना श्रद्धा विश्वास प्रबल हो तो भगवान से मिला देता है ।दिखावे से दूर रहकर एकांतेश्वर महादेव का भक्ति करें। काम ,कृति, बढ़ाई, प्रशांसा से दूर रहे ,अपनी प्रशंसा से दूर रहे। दिखावा की भक्ति नहीं करें, शिव महापुराण पर विश्वास भरोसा दिड़ी होना चाहिए ,चार पुण्य वाणी का है जिसमें है सत्य बोलना, विद्या का अध्ययन, मूर्ख से महा मूर्ख से बहस नहीं करना, एकांत में बैठकर भक्ति करना।
पंडित मिश्रा जी ने भगवान भोलेनाथ शिव शंकर की विवाह की कथा सुनाएं और उस की बारात श्मशान घाट से निकाली गई वह पहला दूल्हा था संसार की जिसकी प्रशंसा किसी ने नहीं की।

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