शिक्षा विभाग में नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति, विधानसभा में प्रकरण की गूंज सुनाई देने के बाद शुरू हुई जांच :
त्वरित खबरे :

21 मार्च 2023

जशपुर। जिले में शिक्षा विभाग में अधिकारी द्वारा नियमों की अनदेखी कर अनुकम्पा नियुक्ति देने का मामला ने अब तुल पकड़ लिया है. विधानसभा में इस प्रकरण की गूंज सुनाई देने के बाद दोषी अधिकारियों के विरूद्ध जांच शुरू हो गई है. मामले में जशपुर बीईओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखने के साथ डीईओ कार्यालय में पदस्थ का इंक्रीमेंट रोक जांच कराई जा रही है. इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले पर एफआईआर कर नौकरी अवधि के दौरान मिले वेतन की रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं.

मामले में नियोक्ता अधिकारी ने दिवंगत लोक सेवक बैजनाथ राम के छोटे पुत्र प्रेम कुमार राम को नियमों के विपरीत जाकर अनुकम्पा नियुक्ति दी है. एक ही परिवार के दो सदस्य शासकीय सेवा में होने के बाद भी अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने का यह प्रकरण उजागर हो जाने के बाद नियुक्ति देने वाले जांच समिति ने स्वत: जांच शुरू कर लीपापोती का प्रयास शुरू कर दिया था, लेकिन इस मामले पर विधानसभा में ध्यानाकर्षण सवाल लग जाने से शिक्षा विभाग ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है.

जिला शिक्षा अधिकारी जेके प्रसाद ने अनुकंपा नियुक्ति में नियमों की अनदेखी करने के मामले में अपने जशपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी और लिपिक प्रदीप कुजूर को दोषी ठहराया है. इधर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने अपने उच्च अधिकारियों पर ही लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.

दरअसल, मामले में नियमों की अनदेखी करने की शुरुआत ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने ही की थी, जिन्होंने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए अपात्र व्यक्ति को जानबूझ कर लाभ दिलाने की अनुशंसा कर दी थी. इसी प्रतिवेदन के बाद आगे की कार्रवाई की गई. बड़ी बात यह है कि शासन के नियमों की अनदेखी कर वित्तीय गड़बड़ी के मामले में दो साल बीत जाने के बाद भी किसी भी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो पाई है.

बीईओ ने जांच के बाद भेजा था प्रस्ताव

जिला शिक्षा अधिकारी जेके प्रसाद ने बताया कि इस मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने नियुक्ति के लिए दस्तावेज का जांच कर हेमंत राम की नियुक्ति का प्रस्ताव भेजा था, इसलिए हमने छत्तीसगढ़ शासन को विकासखंड शिक्षा अधिकारी जशपुर के ऊपर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है, इसके अलावा डीईओ कार्यालय में पदस्थ लिपिक प्रदीप कुजूर का एक इंक्रीमेंट रोक उनका विभाग छीनकर जांच कराई जा रही है. शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले हेमंत राम पर एफआईआर कर नौकरी अवधि के दौरान मिले वेतन की रिकवरी करने निर्देश दिए हैं.

YOUR REACTION?

Facebook Conversations