रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर की ओर से विद्यार्थियों को सुरक्षा और अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए ‘संवाद से समाधान’ जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना गोलबाजार क्षेत्र के नगर निगम सरस्वती स्कूल, नयापारा में आयोजित कार्यक्रम में 98 विद्यार्थियों और 6 शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी गोलबाजार अमित कोसमा के निर्देशन में पुलिस टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों को वर्तमान समय में बढ़ रहे अपराधों से बचाव और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
महिला और बाल सुरक्षा पर जागरूकता
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा, महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, गुड टच-बैड टच, बाल अपराध और बाल संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूक किया। विद्यार्थियों को किसी भी संदिग्ध या असुरक्षित स्थिति में तुरंत भरोसेमंद व्यक्ति और पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर ठगी से बचने के बताए तरीके
कार्यक्रम में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, QR कोड और लालच भरे संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी।
विद्यार्थियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि OTP, बैंक खाते की जानकारी, ATM कार्ड, UPI PIN, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत करने की जानकारी दी गई।
112, 1091 और 1098 हेल्पलाइन की दी जानकारी
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को आपातकालीन हेल्पलाइन 112, महिला हेल्पलाइन 1091 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी बताया। किसी भी आपात स्थिति, महिला सुरक्षा या बाल सुरक्षा से जुड़ी घटना की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की गई।
यातायात नियम और नशे से दूर रहने का संदेश
विद्यार्थियों को हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों का पालन और नशे के दुष्प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने और अपने परिवार एवं समाज को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से जवाब दिया। विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस की इस जनहितैषी पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा जताई।

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