भिलाई 6 जून 2022
बीएसपी में आयरन ओर की कमी को दूर करने के लिए दल्ली राजहरा में अब अवकाश के दिन भी खनन का कार्य किया जाएगा। इसके लिए प्रबंधन कर्मियों को इनसेंटिव प्रदान करेगा। अवकाश के दिन भी खनन कार्य किए जाने से करीब 32 हजार टन अतिरिक्त आयरन ओर का उत्पादन होने लगेगा।
बीएसपी में एक्सपांशन प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद इस्पात उत्पादन की क्षमता 5 एमटी से बढ़कर साढ़े 7 एमटी हो गई है। इस वजह से प्लांट में आयरन ओर की डिमांड भी बढ़ गई है। पहले दल्ली राजहरा से प्रतिदिन 9 रैक आयरन ओर की सप्लाई की जा रही थी। उससे प्लांट में उत्पादन सुचारू रूप से जारी रहता था लेकिन एक्सपांशन के बाद आयरन ओर की डिमांड बढ़ने से दल्ली राजहरा माइंस प्रबंधन पर उत्पादन बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है। इसके लिए बीते दिनों डायरेक्टर इंचार्ज अनिर्बान दासगुप्ता खुद राजहरा पहुंचे और कर्मचारियों के साथ बैठक की।
चर्चा के दौरान डीआईसी ने जानकारी दी कि रावघाट में आयरन ओर की माइनिंग शुरू होने में अभी भी काफी समय लगना है। लिहाजा दल्ली राजहरा में ही उत्पादन बढ़ाना होगा। ताकि बीएसपी में उत्पादन नियमित रूप से होता रहे।
बाहर से खरीदने पर महंगा पड़ रहा आयरन ओर
डीआईसी दासगुप्ता ने यह भी बताया कि बीएसपी में आयरन ओर की डिमांड को पूरा करने के लिए आरएमडी की माइंस के साथ-साथ अन्य एजेंसियों से भी खरीदी की जा रही है। लेकिन दाम अधिक होने से उत्पादन लागत प्रभावित हो रही है। लिहाजा दल्ली राजहरा में ही आयरन ओर का उत्पादन बढ़ाने के लिए अब अवकाश के दिन भी माइनिंग करना होगा। छुट्टी के दिन खनन होने से दल्ली से बीएसपी को आयरन ओर की आपूर्ति बढ़ जाएगी। इसका सीधा फायदा उत्पादन पर पड़ेगा।
डेली रिवार्ड स्कीम भी शुरू करने का दबाव
माइंस में डेली रिवार्ड स्कीम मार्च के बाद से बंद है। प्रबंधन पर इसे भी शुरू करने का दबाव है। यह स्कीम उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने की एवज में कर्मचारियों को दिया जाता है। नए वित्त वर्ष से इस स्कीम को लेकर प्रबंधन ने अब तक किसी प्रकार का निर्णय नहीं लिया है। कर्मचारी इसे भी शुरू करने को लेकर लगातार दबाव बनाए हुए हैं।
प्रबंधन इनसेंटिव का प्रस्ताव कर रहा तैयार
इस पर कर्मचारियों ने इनसेंटिव दिए जाने की मांग की। इस पर प्रबंधन ने कर्मियों से ही प्रस्ताव देने कहा। लेकिन कर्मियों ने इसे प्रबंधन के पाले में डाल दिया। इसके बाद प्रबंधन अब अवकाश के दिन भी माइनिंग कार्य करने पर दिए जाने वाले इनसेंटिव का प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है। यह तैयार होते ही अवकाश के दिन भी माइनिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे कर्मियों को भी राहत मिलेगी और उत्पादन भी अतिरिक्त होगा।
अवकाश के दिन होता है रखरखाव का काम
दल्ली राजहरा में वर्तमान में सप्ताह में 6 दिन खनन का कार्य होता है। सातवें दिन रखरखाव का काम किया जाता है। डीआईसी ने कहा कि डिमांड को देखते हुए मेंटेनेंस का काम जल्द से जल्द निपटाना होगा, ताकि उस दिन खनन का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जा सके। इस पर कर्मियों ने एक्स्ट्रा वेजेस दिए जाने की मांग की। लेकिन ईडी फाइनेंस पंडा ने यह कर मांग खारिज कर दी कि इसके लिए सेल से अनुमति लेनी होगी।

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