भिलाई २६ अप्रैल
बीएसपी प्रबंधन जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अनुसंधान केंद्र सेक्टर 9 मे फायर सिस्टम को अपग्रेड करने जा रहा है। आधुनिक तकनीक से लैस सिस्टम की खासियत यह है कि अस्पताल में आग लगने पर आसपास मौजूद लोगों को अलर्ट करने के साथ ही बुझाने का काम भी उसी समय शुरु कर देगा।
अस्पताल में स्थापित किए जाने वाले फायर अलार्म सिस्टम और फायर सेपरेशन सिस्टम की लागत 7 करोड़ है। जिसे बीएसपी को प्रबंधन ने मंजूरी दे दी है। अस्पताल प्रबंधन में सिस्टम को खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जून से सिस्टम को स्थापित करने की कार्रवाई शुरू होगी।
प्रबंधन को यह निर्णय कोरोना काल के दौरान रायपुर सहित देश के बड़े महानगरों के प्रमुख अस्पतालों में आगजनी की हुई घटना के मद्देनजर लेना पड़ा। 860 बिस्तरों वाले अस्पताल में फायर सिस्टम प्रत्येक वार्ड, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, किचन, लॉन्ड्री, ऑक्सीजन प्लांट सहित उन स्थानों में स्थापित किए जाएंगे, जहां मरीज और उनके अटेंडेंट की मौजूदगी बनी रहती है। फिलहाल बीएसपी प्रबंधन ने इसे खरीदने की मंजूरी दे दी है। जल्द ही इसे अस्पताल में लगाया जाएगा, जिससे राहत मिलेगी।
पुराने सिस्टम मैनुअल जूझना पड़ता था
वर्तमान में अस्पताल में पुराना फायर सिस्टम लगा हुआ है। जिसमें अग्निशमन यंत्र और कमरों में बिछाई गई पाइप लाइन शामिल है। यह सिस्टम मैनुअल है। जिसके कारण आग लगने पर कर्मचारियों को जूझना पड़ता था।
साल भर में अस्पताल में आग लगने की 2 घटनाएं
सेक्टर 9 अस्पताल में बीते साल भर में आगजनी की दो घटना हो चुकी है। पहली घटना छठे माले में शार्ट सर्किट से आग लगने के कारण हुई थी। जहां आग लगी थी, वहां पुराने सामान रखे हुए थे। नए सिस्टम अलर्ट भी करेगा।
आपात द्वार भी बनाए जाएंगे ताकि परेशानी न हो
अस्पताल के तमाम वार्डों में प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए एक ही गेट है। ऐसी स्थिति में आगजनी की घटना होने पर वार्डों में मौजूद लोगों और मरीजों को बाहर निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है इसे ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रबंधन प्रत्येक वार्ड में निकासी के लिए इमरजेंसी गेट भी बनाने जा रहा है।

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